कांट (शाहजहांपुर)। उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की कांट शाखा में तैनात रही तत्कालीन सहायक प्रबंधक हर्षिता वशिष्ठ पर निष्क्रिय और मृत खाताधारकों के खातों का दुरुपयोग कर 9.20 लाख रुपये की अनधिकृत निकासी और फर्जी हस्तांतरण करने का आरोप लगा है। बैंक की जांच के बाद क्षेत्रीय कार्यालय के मुख्य प्रबंधक क्षेमेंद्र कुमार अग्रवाल की तहरीर पर कांट थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, हर्षिता वशिष्ठ ने अपने कार्यकाल में निष्क्रिय और मृत खाताधारकों के खातों से कथित रूप से फर्जी बाउचर तैयार कर 73 खातों से 6 लाख 94 हजार 245 रुपये की अनधिकृत निकासी की। इसके अलावा बैंक के बल्क एनईएफटी खातों से 181 फर्जी प्रविष्टियों के जरिये दो लाख 25 हजार 791 रुपये अन्य खातों में कथित रूप से ट्रांसफर किए। इस तरह कुल नौ लाख 20 हजार 36 रुपये के गबन का आरोप है।
मामला तब सामने आया जब संतरा देवी के मृत पति जयवीर के खाते से पांच फरवरी 2024 को 53,600 रुपये एनईएफटी के माध्यम से दूसरे खाते में भेजे जाने की शिकायत हुई। इसके अलावा गुड्डी के खाते से अलग-अलग तारीखों में करीब 39,800 रुपये निकाले जाने की भी जानकारी सामने आई। शिकायतों के बाद बैंक ने जांच कराई।
जांच में बैंक प्रणाली के साथ अन्य कर्मचारियों की आईडी और पासवर्ड का दुरुपयोग करने, खातों में फर्जी प्रविष्टियां करने तथा हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान की कूटरचना किए जाने के आरोप भी सामने आए।
सीओ सदर शुभम वर्मा ने बताया कि तत्कालीन सहायक प्रबंधक हर्षिता वशिष्ठ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है।