नुमैर ने बताया कि इस दौरान फर्म शकुंतला के मालिक रमेश सिंह के जेई शैलेंद्र सिंह अपने चार-पांच अज्ञात साथियों के साथ हाथ में कुदाल और फावड़ा लेकर आ गए। उन्हें बाहर निकालने की जगह गालियां देते हुए जान से मारने की नीयत से हमला कर दिया। एसपी अशोक कुमार ने बताया कि मामले की विवेचना की जाएगी।
पहले फर्म के मालिक ने दर्ज कराया था केस
जैतीपुर का स्टेट हाईवे चार अक्तूबर को उस समय चर्चा में आया था जब फर्म के मालिक रमेश सिंह ने विधायक के करीबी जगवीर सिंह समेत 14 अज्ञात लोगों पर साढ़े तीन सौ मीटर निर्माणाधीन सड़क को जेसीबी से उखाड़ने का आरोप लगाया था। शासन स्तर तक बात पहुंचने के बाद जिले के अफसरों में खलबली मच गई। इसके बाद जगवीर सिंह समेत सात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया था। हालांकि, जगवीर को कोर्ट से स्टे मिल गया था। पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार करके जेल भेजा था।
संकेतक लगे होते तो निर्माण का चलता पता
नुमैर के अनुसार पुलिया के नजदीक संकेतक और अवरोधक भी नहीं लगे हैं। ऐसे में आगे के रास्ते का अंदाजा नहीं लग सका। सुबह साढ़े सात बजे हल्का कोहरा होने और संकेतक नहीं होने से हादसा हो गया। तीन लोग काफी देर तक लटकी कार में फंसे रहे।
पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन रथिन सिन्हा ने बताया कि स्टेट हाईवे के सात किलोमीटर का हिस्सा तीन मीटर से सात मीटर चौड़ा किया जाना है। इसी सड़क पर पुलिया का निर्माण शेष रह गया है। पुलिया से पूर्व एक डायवर्जन दिया गया है। यहां डायवर्जन का बोर्ड भी लगा हुआ है, मिट्टी का ढेर भी लगा हुआ है। संभव है कि कोहरे की वजह से हादसा हो गया हो।