गुरुवार को बिना किसी पूर्व सूचना के अप और डाउन की आधा दर्जन पैसेंजर ट्रेनों को निरस्त कर दिया गया। इससे यात्री बेहद परेशान रहे। शाहजहांपुर से बालामऊ वाया सीतापुर, शाहजहांपुर से बालामऊ, दिल्ली से सीतापुर जाने वाली अप और डाउन पेंसेंजर ट्रेेनें गुरुवार को निरस्त रहीं। यात्री निर्धारित समय पर स्टेशन पहुंचे तो पता चला कि ट्रेनें रद्द हैं। इससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
शाहजहांपुर से सीतापुर का रेल किराया करीब 25 रुपये, हरदोई तक का किराया करीब 15 रुपये और लखनऊ तक पैसेंजर ट्रेन का किराया 35 रुपये है। इन ट्रेनों के रद्द होने से कमजोर तबके के लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। बस में सफर करने पर सीतापुर तक 85 रुपये, लखनऊ तक 110 रुपये और हरदोई तक 60 रुपये खर्च करने पड़ते हैं। दैनिक यात्री राजीव यादव ने बताया कि वह मासिक टिकट बनवाते हैं लेकिन पिछले तीन माह में कई बार पैसेंजर गाड़ियों को निरस्त किया गया। इससे उन्हें खासी परेशानी उठानी पड़ी।
मासिक टिकट वाले दैनिक यात्रियों ने डीआरएम से लेकर केंद्रीय मंत्री तक शिकायत की लेकिन कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। रेलवे अफसर कहते हैं कि स्टाफ की कमी के चलते पैसेंजर गाड़ियों को समय से स्टाफ नहीं मिल पाता है। रोजा में मालगाडी के स्वीकृत 141 चालकों में मात्र 70 चालक हैं। पैसेंजर गाड़ी के 44 के स्थान पर 34 ड्राइवर और एक्सप्रेस के चालकों के 22 स्वीकृत पदों के सापेक्ष 18 चालक हैं। इसी तरह सहायक के 203 पदों के सापेक्ष मात्र 148 सहायक नियुक्त हैं। इस बाबत पूछने पर रोजा स्टेशन के अधीक्षक ने कहा कि वह पैसेंजर ट्रेनों के निरस्त या संचालित होने के संबंध में बयान देने के लिए अधिकृत नहीं हैं।