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Shahjahanpur News: बसें नदारद, बहनों को करना पड़ा लंबा इंतजार

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रोडवेज बस में चढ़ने का प्रयास करते लोग। संवाद
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शाहजहांपुर। रक्षाबंधन पर महिला व सह यात्री के निशुल्क सफर की घोषणा से उमड़ी भीड़ से रोडवेज बस अड्डे पर शुक्रवार को मेले जैसा माहौल रहा। भीड़ के आगे निगम के संसाधन पस्त पड़ गए और बहनों को लंबा इंतजार करना पड़ा। बस आते ही सीट को घेरने के लिए मारामारी रही। शाम तक बहनें बसों के इंतजार में भटकती रहीं।
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परिवहन निगम के बेड़े से 217 बसों का संचालन होता है। रक्षाबंधन पर उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए निगम ने सारी बसों को लगा दिया। उसके बाद भी भीड़ नहीं छंट सकी। बृहस्पतिवार मध्यरात्रि के बाद ढाई बजे से यात्रियों का रोडवेज बस अड्डे पर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। लखनऊ, दिल्ली, बरेली, फर्रुखाबाद और पलिया रूट के यात्रियों को भेजा गया। बसों के फेरे पूरे नहीं हो पाए और यात्रियों की भीड़ फिर से बढ़ गई।
दोपहर को पलिया, पुवायां, लखीमपुर, हरदोई समेत कई रूटों पर बसों की कमी के चलते यात्री बस अड्डे में बैठकर इंतजार करते रहे। कुछ यात्री एआरएम तक पहुंच गए और उनसे बसें नहीं होने की शिकायत की, जिस पर एआरएम ने बस आते ही दोबारा से रवाना कराया। इस बीच यात्रियों को काफी दुश्वारियों से दो-चार होना पड़ा।
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खाना खाने के लिए बंद किया दरवाजा
लखीमपुर से आई बस को देखकर यात्री सवार होने के लिए दौड़ पड़े। कुछ यात्री सवार हो गए। इस बीच चालक ने बस का दरवाजा बंद कर लिया और परिचालक के साथ खाना खाया। इस अवधि में दूसरे यात्री गेट खुलने का इंतजार करते रहे। दूसरी ओर एक यात्री ने एआरएम के पास पहुंचकर बताया कि हरदोई जाने वाली बस खड़ी है लेकिन चालक लापता है। जिसके चलते भीषण गर्मी में लोग परेशान हैं। इसके बाद चालक की तलाश कर बस को रवाना किया गया।

बस कहां मिलेगी...यह तलाशना हुआ मुश्किल
सामान्य दिनों में संबंधित रूट की बस मिलने की जगह तय है, लेकिन रक्षाबंधन के दिन सारी व्यवस्थाएं पटरी से उतरी रहीं। इसके चलते लोगों को बस तलाशना मुश्किल हो गया। कुछ चालकों ने बसों को अड्डे के दूसरे छोर पर खड़ा किया। जिसे तलाशने में यात्री बेहाल हो उठे।
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रेलवे स्टेशन में सन्नाटा

रक्षाबंधन पर बसों के लिए यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा। वहीं रेलवे स्टेशन पर सन्नाटा पसरा रहा। अप और डाउन लाइन की ट्रेन आने पर उतरने वालों की भीड़ ज्यादा थी, जबकि यहां से सवार होने वाले लोग काफी कम थे। ऐसे में रेलवे के अफसर भी दोपहर बाद अपने घर चले गए। डाउन लाइन की त्रिवेणी एक्सप्रेस की एसी कोच तक में सभी सीटों पर यात्री नहीं थे।

बृहस्पतिवार को इतने लोगों ने किया सफर

11,182 महिलाओं ने किया रोडवेज की बस में सफर
7,588 सह यात्री भी उनके साथ फ्री चले
53 लाख 32 हजार रुपये बृहस्पतिवार को निगम ने कमाए

यात्रियों ने बताई परेशानी

फोटो 3

खुदागंज से किसी तरह आ गए थे, अब रोडवेज बस से आगे जाना है। यहां काफी भीड़ है। इतनी भीड़ में सीट मिलना दूभर है। जैसे-तैसे घर तक जाएंगे।
-फूलमती
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फोटो 2

हमें कलान जाना है। काफी देर से रोडवेज बस का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन बस आते ही भर जाती है। जिसके चलते सवारी समय से नहीं मिल पा रही है।
-मीना

निशुल्क यात्रा की घोषणा के बाद काफी भीड़ उमड़ी है। ऐसे में सभी बसों को चलाया है। दिल्ली से आने वालीं बसों को लोकल रूट पर भेजकर यात्रियाें को भिजवा रहे हैं।

-अरुण कुमार, एआरएम

रोडवेज बस में चढ़ने का प्रयास करते लोग। संवाद

रोडवेज बस में चढ़ने का प्रयास करते लोग। संवाद

रोडवेज बस में चढ़ने का प्रयास करते लोग। संवाद

रोडवेज बस में चढ़ने का प्रयास करते लोग। संवाद

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