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मोबाइल देखने को लेकर डांटने पर बीएसपी की छात्रा ने जान दे दी

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शाहजहांपुर। बदले माहौल में बच्चे परिजन की मानने के बजाय छोटी-छोटी बातों पर खतरनाक कदम उठाने लगे हैं। बिना सोचे समझे कदम उठाने पर वे कभी न भूलने वाला दर्द भी दे जाते हैं। गुरुवार को ऐसा एक मामला सामने आया। एसएस कॉलेज में बीएससी की एक छात्रा के मोबाइल फोन चलाने पर पिता ने डांट दिया था। छोटी सी बात पर छात्रा ने खुदकुशी कर ली। बृहस्पतिवार सुबह उसका शव घर में फंदे से लटका मिला।
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रोडवेज परिचालक प्रदीप पाठक मूलरूप से हरदोई के शाहबाद थाना क्षेत्र के पॉली गांव निवासी हैं। उनकी इकलौती बेटी बेटी शालू पाठक (20) एसएस कॉलेज में बीएससी की छात्रा थी। परिवार वालों के मुताबिक तीन दिन पहले हर वक्त मोबाइल चलाने को लेकर पिता ने शालू को डांट दिया था। पिता का डांटना शायद शालू को ज्यादा बुरा लगा। मंगलवार को प्रदीप अपने गांव गए थे। उनकी पत्नी अर्चना पाठक और बेटी शालू घर में थीं। बृहस्पतिवार सुबह मां ने देखा तो शालू दुपट्टे का फंदा गले में डालकर छत से लटकी हुई थी। उनके शोर मचाने पर आसपास के लोग जुट गए। इसके बाद शालू के शव को नीचे उतारा गया। इसकी जानकारी पिता और चौक कोतवाली पुलिस को दी गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने छानबीन कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इधर, घर पहुंचे प्रदीप बेटी का शव देखकर बदहवास हो गए।
जिद्दी किस्म की थी शालू
पिता प्रदीप पाठक ने बताया कि उनकी बेटी शालू जिद्दी किस्म की थी। जिस बात को मन में ठान लेती पूरा करके रहती थी। यही कारण रहा कि उसने अपनी मां को कुछ नहीं बताया। छोटी सी बात उसके मन में घर कर गई और अपने जान दे दी।
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बेहद व्यवहार कुशल थी छात्रा
एसएस कॉलेेज के विज्ञान संकाय विभागाध्यक्ष डॉ. आदर्श पांडेय ने बताया कि शालू पाठक बातचीत और व्यवहार में काफी अच्छी थी। पढ़ाई में सामान्य थी। उसके आत्महत्या करने की बात सुनकर सभी सन्न रह गए। उसके व्यक्तित्व से कभी जाहिर नहीं हुआ कि वह ऐसा कदम उठा सकती है।
बच्चों से बात करें, उनकी मनोदशा समझें : डॉ. संजीव
मनोचिकित्सक डॉ. संजीव सिंह का कहना है कि पहले लोगों को बच्चों से बात करने का समय था, जो अब नहीं रहा। उन्हें छोटी-बड़ी बातों पर डांटा भी जाता था, जिससे बच्चे बुरा नहीं मानते थे। अब अभिभावकों के पास बच्चों के लिए समय नहीं है, जिस कारण वह उनसे बात करना भी मुनासिब नहीं समझते। लोगों ने बच्चों की मनोदशा को भी समझना बंद कर दिया है। इससे उनकी सोच संकुचित होने लगी है और छोटी-छोटी बातों का बच्चे बुरा मानने लगे हैं। अभिभावकों को चाहिए कि वह बच्चों से बात करें और उनके साथ कुछ समय बिताएं, इससे बच्चों की सोच में जरूर बदलाव आएगा।
मोहल्ला अलीजई में युवक ने की खुदकुशी
शाहजहांपुर। सदर बाजार क्षेत्र के मोहल्ला अली जई निवासी 24 वर्षीय युवक ने घरेलू कलह के चलते घर में फंदे से लटककर जान दे दी। बृहस्पतिवार सुबह परिजन ने उसका शव लटका देखा तो घर में चीख पुकार मच गई। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची तो परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। लिखा पढ़ी के बाद पुलिस ने शव को परिवार वालों की सुपुर्द कर दिया। संवाद
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