गांधी भवन में आषाढ़ का एक दिन नाटक का मंचन करते रंगकर्मी। संवाद
शाहजहांपुर। संस्कृति थिएटर फाउंडेशन की ओर से बुधवार शाम गांधी भवन प्रेक्षागृह में मोहन राकेश के नाटक आषाढ़ का एक दिन का प्रभावशाली मंचन किया गया। कला, प्रेम, महत्वाकांक्षा और जीवन के यथार्थ के द्वंद्व को मंच पर जीवंत करती प्रस्तुति ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा।
गांधी वन के मंच पर ग्रामीण परिवेश को शानदार तरीके से सजाए गए सेट में मल्लिका की भूमिका में अरुंधति देव ने भावपूर्ण अभिनय से गहरी छाप छोड़ी। अम्बिका के किरदार में प्रियंका तायल और प्रियंगुमंजरी की भूमिका में प्रवेश दिवाकर ज्योति का अभिनय भी सराहा गया। कालिदास के रूप में विभोर ठाकुर ने संवेदनशील कवि से लेकर राजसत्ता और महत्वाकांक्षा के बीच उलझे व्यक्तित्व को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
विलोम की भूमिका में निर्देशक आलोक सक्सेना ने दमदार अभिनय और प्रभावी संवाद अदायगी से मंच पर नाटकीय तनाव को चरम तक पहुंचाया।
इससे पहले नगर मजिस्ट्रेट रजनीकांत, कृभको फर्टिलाइजर्स के निदेशक विजय बांगर, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. रवि मोहन, सुदेश बांगर और संरक्षक शारदा सक्सेना ने दीप जलाकर शुभारंभ किया। संस्था की ओर से अतिथियों को वरिष्ठ शिक्षक नेता सरताज अली, विजय बांगर, सुदेश बांगर, डॉ. आनंद प्रकाश मिश्रा और डॉ. रवि मोहन को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।