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कोलाघाट पुल ढहने के मामले में निजी एजेंसी से कराई जाएगी मिट्टी की जांच

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जलालाबाद में कोला पुल के पास दुर्गम रास्ते से आते जाते यात्रीगण। संवाद - फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। जनपद की जलालाबाद तहसील को कलान-मिर्जापुर क्षेत्र से जोड़ने वाले कोलाघाट पुल का पिलर धंसने से अवरुद्ध हुआ आवागमन अभी सामान्य नहीं हो सका है। न तो पैंटून पुल बनाने का सामान पहुंचा और न ही जमीन में धंसे हुए पिलर के पास कोई काम शुक्रवार को शुरू हो सका। हालांकि सेतु निगम के कर्मचारियों का कहना है कि पुल के पास नया पिलर बनाने के लिये सॉयल टेस्टिंग (मिट्टी की जांच) का काम एक निजी एजेंसी से कराया जाएगा और उसकी जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से का निर्माण कार्य शुरू हो सकेगा।
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29 नवंबर को एक पिलर जमीन में धंसने के बाद कोलाघाट का पुल तीन टुकड़ों में बंट गया था। मात्र 11 साल पहले बनकर तैयार हुए इस पुल का बड़ा हिस्सा धराशायी होना चकित करने वाली घटना थी। लखनऊ से आए सेतु निर्माण निगम व पीडब्ल्यूडी के आला अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और दिशा निर्देश दिए थे। उन्होंने पिलर धंसने के कारणों की जांच के लिए मृदा परीक्षण कराने और पुल का निर्माण पूरा होने तक राहगीरों की सुविधा के लिए पैंटून पुल समेत वहां तक पहुंच के रास्ते की वैकल्पिक व्यवस्था कराने आदि निर्देश शामिल थे।
यही नहीं, क्षेत्र के लोगों को पैंटून पुल व रास्ता 20 दिन में तैयार हो जाने का भरोसा भी दिया गया। पुल के पास रास्ता बनाने को एक दिन कुछ घंटे मिट्टी पड़ने के बाद कार्य बंद कर दिया जो शुक्रवार को तीसरे दिन भी शुरू नहीं हो सका। पैंटून पुल के निर्माण की दिशा में भी कोई कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी। मोटर बोट चालक यात्रियों से ज्यादा किराया नहीं लें, यह निर्देश भी हवा में उड़ा दिए गए।
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कोला पुल के पास कटरी इलाके से होकर गुजरने वाले मुसाफिरों को प्रशासन ने उनके हाल पर छोड़ दिया है। चार किलोमीटर के दुर्गम इलाके में रास्ता बनाने का काम एक दिन चलकर ही ठप हो गया जबकि पैंटून पुल निर्माण संबंधी कार्य की अभी शुरुआत भी नहीं हुई है। मुश्किल भरी राह को किसी तरह पार करने वाले यात्री उतराई के लिए भी मोटी रकम देने को मजबूर है।
दूसरे दिन बोरिंग का कार्य भी रुका
बृहस्पतिवार को इस टीम ने बोरिंग करने का काम शुरू करते हुए मिट्टी के विभिन्न सतहों के 12 नमूने एकत्र किए थे। इस टीम को कुल सात स्थानों पर बोरिंग करते हुए नमूने लेना है, जिनकी जांच लखनऊ स्थित लैब में होगी। इस कार्य में 10-12 दिन का समय लगने का अनुमान है, लेकिन एक दिन बाद यह कार्य भी रुक गया।
पुल के पास सेल्फी लेने का बढ़ा क्रेज
मुश्किल भरे इस सफर से बुजुर्ग और बच्चे भले ही परेशान हो रहे हैं, लेकिन तमाम युवाओं के लिए यह दृश्य पूरी तरह नया है और यहां से गुजरने के दौरान वह सेल्फी लेना नहीं भूलते। नगर से बड़ी सख्या में युवा लोग केवल फोटो और सेल्फी लेने ही कई किमी पैदल चलकर पुल के पास पहुंच रहे हैं। पुलिस के मना करने के बाद भी कई लोग टूटे पुल पर चढ़कर सेल्फी लेने से नहीं चूकते।
क्षतिग्रस्त पुल के पास नया पिलर बनाने से पहले मिट्टी की जांच का कार्य एक निजी एजेंसी के माध्यम से शनिवार से दोबारा शुरू हो जाने की उम्मीद है। इस कार्य कुछ ऐसे उपकरणों की आवश्यकता है, जो विभाग के मंडल मुख्यालय के भंडार गृह में उपलब्ध नहीं हैं। यह उपकरण लखनऊ से मंगवाए गए हैं। पैंटून पुल के लिए एप्रोच रोड भी जल्द बनाई जाएगी।
-सुनील कुमार, अवर अभियंता, सेतु निर्माण निगम
पैंटून पुल के लिए दो पैंटून ट्रॉला पर लादकर कोलाघाट पहुंचाए जा चुके हैं। पैंटून काफी भारी होने के कारण उसे ट्रॉला पर चढ़ाना और उतारना भी काफी कठिन काम है। आठ पैंटून बदायूं से मंगाए गए हैं जो शनिवार शाम तक कोलाघाट पहुंच जाएंगे। रविवार से पैंटून पुल बनाने के काम शुरू करा दिया जाएगा और उसी के पास अस्थायी पुल तक पहुंच मार्ग भी बनाया जाएगा।
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-राजेश चौधरी, अधिशासी अभियंता, लोनिवि (निर्माण खंड-1)
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