जिले के प्रभारी मंत्री ओम प्रकाश सिंह के भगवान परशुराम जन्मस्थली के संबंध में दिए गए विवादित बयान पर ब्राह्मण समाज में उबाल आ गया है। समाज ने रविवार को सर्वसम्मति से प्रभारी मंत्री के बयान की कड़ी निंदा करते हुए उनका हर स्तर पर विरोध करने का निर्णय लिया है। साथ ही ऐलान किया है कि आगामी विधानसभा चुनाव में भी सपा को सबक सिखाया जाएगा।
टाउनहाल स्थित होटल महाकाली पैलेस में हुई प्रेसवार्ता में ब्र्राह्मण समाज के प्रदेश, जिला और नगर स्तरीय पदाधिकारी एकत्र हुए। इस अवसर पर भगवान परशुराम मंदिर जलालाबाद के महंत सत्यदेव पांडेय ने कहा कि सपा के वरिष्ठ नेता एवं जिले के प्रभारी मंत्री ओम प्रकाश सिंह ने लैपटॉप-कन्या विद्याधन वितरण कार्यक्रम के दौरान कहा कि भगवान परशुराम की जन्मस्थली जलालाबाद में नहीं, बल्कि गाजीपुर में है। इसलिए यहां के मंदिर को पर्यटन स्थल घोषित नहीं किया जा सकता। महंत ने कहा कि उनका यह बयान घोर आपत्तिजनक है, जिसे हिंदू समाज बर्दाश्त नहीं कर सकता। उनके इस बयान का हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। महंत ने कहा कि भगवान परशुराम की जन्मस्थली जलालाबाद में ही है और इसे तमाम विद्वानों, ग्रंथों में साबित किया जा चुका है। भगवान परशुराम के जीवन से जुड़े तमाम स्थल भी जलालाबाद क्षेत्र में ही हैं।
ब्राह्मण समाज के संस्थापक राजाराम मिश्र ने कहा कि ऐसा लगता है कि सपा नेता ओम प्रकाश सिंह को जिले के इतिहास और भूगोल का ज्ञान नहीं है, इसीलिए उन्होंने विवादित बयान देकर मात्र सुर्खियां बटोरने का काम किया है। जलालाबाद में भगवान परशुराम के पिता जमदग्नि का आश्रम है, उबरिया खेड़ा मंदिर में परशुराम तपस्या किया करते थे। कटका कटकिया गांव भी परशुराम की कर्मस्थली के रूप में ख्याति प्राप्त है। ऐसे में प्रभारी मंत्री का बयान दुर्भाग्यपूर्ण है।
प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सत्य प्रकाश मिश्र और जिलाध्यक्ष केशव चंद्र मिश्र ने कहा कि प्रभारी मंत्री के ऊट-पटांग बयान को मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाएगा और आंदोलन चलाकर विधानसभा चुनाव में हिंदू समाज सपा का पुरजोर विरोध करेगा। प्रदेश उपाध्यक्ष प्रभात रंजन पांडेय ने कहा कि भगवान परशुराम के कारण ही जलालाबाद का पौराणिक महत्व है। यह स्थल केवल ब्राह्मणों के लिए नहीं, अपितु संपूर्ण हिंदू समाज के लिए आस्था का केंद्र है। प्रभारी मंत्री ने विवादित बयान देकर हिंदुओं की आस्था को सीधे चुनौती दी है। इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री डॉ. केके शुक्ला, जिला महामंत्री राकेश पांडेय, श्याम कुमार पाराशरी, त्रिलोकी नाथ पांडेय, योगेश पाठक, अवधेश दीक्षित, अंबरीश शुक्ला आदि मौजूद रहे।