अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा की ओर से खिरनीबाग के रामलीला मैदान पर विचार विमर्श समागम किया गया। इसमें ब्राह्मण समाज की आर्थिक, शैक्षिक, सामाजिक व राजनैतिक स्थिति पर चिंतन और मंथन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान परशुराम के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। इस मौके पर ब्राह्मण सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष माधव मिश्र ने कहा कि वर्तमान सरकार ने अपने घोषणापत्र में आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने की बात की थी, पर ढाई वर्ष के बाद भी आज सरकार ने इस मुद्दे पर कोई पहल नहीं की। पूरे ब्राह्मण समाज का ही नहीं सवर्ण समाज को भ्रमित करके राजनीति कर रहे हैं। बरेली कालेज के पूर्व प्राचार्य व शिक्षाविद् डा. एनएल शर्मा ने कहा कि आरक्षण का आधार सिर्फ आर्थिक तो हो सकता है जातीय आरक्षण ने तो इस देश को विकसित नहीं होने दिया विकास की धारा प्रतिभाओं के पलायन से रुक गई है। इस पर राजनैतिक लोगों को ध्यान रखना चाहिए। परशुराम युवा मंच के प्रदेश सचिव कीर्तिमान प्रकाश च्यवन ने कहा कि आज ब्राह्मणों को दरकिनार करके व्यवस्था से बाहर करने की साजिश रची जा रही है और उनके हितों की अनदेखी हो रही है। उसके खिलाफ खड़े होकर व्यवस्था से संघर्ष करना होगा। कार्यक्रम संयोजक अपूर्व अगिभनहोत्री ने कहा कि भगवान परशुराम हमारे आराध्य हैं, उनके चरित्र को आत्मसात करके हर युवा को स्वयं में परशुराम बनना होगा और व्यवस्था के खिलाफ खड़ा होना होगा। इस अवसर पर प्रखर दीक्षित, उत्कर्ष नरायन पाराशरी, निमिष मिश्रा आदि को राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सम्मानित किया। इस मौके पर डा. सुरेश मिश्र, प्रमोद प्रमिल, रामखिलावन मिश्रा, मनोज अवस्थी, सुरेश चंद्र दीक्षित, रामप्रसाद शुक्ल, डा. संजय पाठक, डा. हरीश चंद्र दीक्षित, डा. संजय अवस्थी आदि मौजूद रहे। आभार जिलाध्यक्ष हरचरन मिश्रा ने जताया।