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बैंकें मांग के अनुरूप करेंगी खातेदारों को भुगतान

Mon, 19 Dec 2016 06:55 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला शाहजहांपुर
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नोट बंदी के बाद से छोटे नोटों की कमी के कारण नकदी को तरस रहे खातेदारों की जेबें सोमवार से भरने लगेंगी। बैंक अफसरों का दावा है कि सरकारी विभागों प्राप्त होने वाले राजस्व में सौ रुपये और इससे कम मूल्य वाले नोटों की आवक से बैंकों में कैश का संकट पहले जैसा नहीं रहेगा और खातेदारों को मांग के अनुरूप भुगतान करना संभव हो जाएगा। इस बीच, रविवार को शहर के अधिकांश एटीएम कैश की कमी से बंद रहे।  बैंक अधिकारी भी मानते हैं कि नोटबंदी लागू होने के बाद से लोगों के बहुतेरे जरूरी काम कैश की कमी से अटके हैं। अभी तक 15-20 हजार रुपये की मांग के सापेक्ष दो से पांच हजार रुपये के विड्रॉल इसीलिए स्वीकृत किए जाते रहे क्योंकि बैंकों से आठ नवंबर के बाद जारी हुए छोटे नोटों की बाजार से वापसी नहीं हुई। टेलीफोन, बिजली, रेलवे आदि कई विभागों में भी प्रतिबंधित श्रेणी के पांच सौ और एक हजार वाले पुराने नोट स्वीकार किए जाते रहे। बैंकों को छोड़कर अन्य सभी विभागों में पुराने नोट लिए जाने की समय सीमा 15 दिसंबर को खत्म होने के बाद वहां भी राजस्व संकलन दो हजार के नए नोट समेत सौ, पचास, बीस और दस रुपये के नोटों से होने लगा है। 
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रोडवेज और रेलवे से मिलेंगे 50 लाख रुपये
उत्तर रेलवे के स्थानीय स्टेशन को टिकट बुकिंग और मालभाड़ा मद में रोजाना औसतन सात लाख लाख रुपये कैश मिलता है। इसी तरह रोडवेज के स्थानीय डिपो को इन्हीं मदों में प्रतिदिन औसतन 20 लाख रुपये आय होती है। इसलिए माना जा रहा है कि सप्ताह के पहले दिन इन दोनों विभागों से बैंकों को करीब 50 लाख रुपये कैश मिलेगा। इसमें वाणिज्य कर, टेलीफोन, राजस्व विभाग से जमा होने वाली धनराशि को शामिल कर लें तो बैंकों को मिलने वाली धनराशि 20 लाख रुपये और बढ़ जाएगी। अधिकारी कहते हैं कि इस धनराशि से अधिकतम 24 हजार रुपये पेमेंट करना भले ही संभव नहीं हो, एक खातेदार को न्यूनतम दस हजार रुपये आसानी से दिए जा सकेंगे।
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