जगाधरी से सिल्चर जा रही मालगाड़ी के कई डिब्बों की सील तोड़कर सौ बोरा चावल चोरी कर रहे दोे बदमाशों को आरपीएफ ने रंगे हाथों पकड़ लिया। इस दौरान चार बदमाश आरपीएफ को चकमा देकर भाग निकले। आरपीएफ ने छह लोगों के विरुद्ध रेल संपत्ति अधिनियम के तहत अभियोग कायम किया है।
रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार की रात करीब नौ बजे एक मालगाड़ी ट्रेन लुधियाना के जगाधरी रेलवे स्टेशन से एफसीआई का चावल सिल्चर असम के लिए ले जा रही था। जब मालगाड़ी हथौड़ा गांव के समीप गेट संख्या 319 के थोड़ा आगे हुई तो आधा दर्जन बदमाशों ने चलती गाड़ी के हौज पाइप को काट कर मालगाड़ी को खड़ा करा लिया।
इसी दौरान बदमाशों ने कई डिब्बों की सील तोड़कर करीब सौ बोरा चावल उतारकर जमीन पर फेंक दिया। इसकी सूचना लोगों ने आरपीएफ को दी। मौके पर आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक एसपी सिंह, रोजा आरपीएफ प्रभारी अमित कुमार ने अपने जवानों के साथ बदमाशों की घेराबंदी की। आरपीएफ द्वारा घेरे जाने का आभास होते ही बदमाशों ने चुराए गए बोरों को मौके पर छोड़ दिया और भागने का प्रयास करने लगे, लेकिन आरपीएफ के जवानों ने दो बदमाशों को पकड़ लिया, जबकि मौके से चार बदमाश फरार हो गए।
प्रभारी निरीक्षक आरपीएफ एसपी सिंह ने बताया कि पकड़े गए बदमाश मनोज मौर्य और करमवीर सक्सेना निवासी हथौड़ा बुजुर्ग थाना रोजा के हैं। इन्होंने अपने को कथित पत्रकार बताया जो जांच में फर्जी पाए गए। इनके कब्जे से सौ बोरा चावल बरामद हुआ है।
मालगाड़ी से चावल चोरी की पुष्टि करने के लिए गंतव्य को रवाना हुई मालगाड़ी को सीतापुर सिटी में चेक कराया गया तो कई डिब्बों की सील टूटी पाई है और चावल भी कम होने की पुष्टि हुई है। इसको री-सील कर पुन: रवाना किया गया है।
रोजा स्टेशन के आसपास रेलवे संपत्ति चोरी के कई मामले सामने आए हैं। इसमें कुछ सफेदपोश और कथित पत्रकारों के अलावा अन्य लोग भी शामिल हैं। हम उनको चिह्नित कर कार्रवाई कर रहे हैं। -एसपी सिंह, प्रभारी निरीक्षक आरपीएफ
गैंग में शामिल हैं हथौड़ा और लोधीपुर के दर्जन भर लोग
रोजा। मालगाड़ी से खाद्यान्न चोरी करने का एक बड़ा खुलासा हुआ है। आरपीएफ के अनुसार मालगाड़ी से चोरी करने वाला गैंग हथौड़ा गांव का है। इसमें करीब एक दर्जन लोगों को चिन्हित किया गया है। साथ ही रोजा थाना क्षेत्र के लोधीपुर मोहल्ले के दो कथित पत्रकारों की भी संलिप्तता के भी संकेत मिले हैं। जांच में कथित पत्रकारों के संपादकों से उनके विषय में जानकारी ली जा रही है।
दो सालों से चोरों का प्रमुख केंद्र था गेट संख्या 319
पिछले दो सालों से शाहजहांपुर और रोजा के बीच बने गेट सख्या 319 मालगाड़ी से खाद्यान्न चोरी करने का प्रमुख गढ़ रहा है। यहां रोजा रेलवे स्टेशन का आउटर सिंग्नल है तथा आगे पीछे गेट संख्या 318 और 320 तथा रेलवे लाइन पर मोड़ हैं। इसके चलते मालगाड़ियां यहां धीमी हो जाती हैं। इसका फायदा उठाकर बदमाश चलती ट्रेन में चढ़कर हौज पाइप काट देते है या फिर डिब्बों की सील तोड़कर खाद्यान्नों के बोरे नीचे फेंक देते हैं। बाद में उनको उठाकर आढ़तियों और राइस मिलर्स के यहां बेच देते हैं। इस पूरे खेल में पहले रोजा आरपीएफ की भूमिका संदेह के घेरे में थी, लेकिन दो दिन पूर्व रोजा आरपीएफ के दोनों दरोगाओं के तबादले के बाद अब आरपीएफ के जवानों पर शक जा रहा है। इसी कारण रेलवे चोरी के मामले रुकने का नाम नहीं ले रही थी।