शारदा नहर में डूबी गांव गौहनिया की सीमा देवी का फाइल फोटो। स्रोत : परिजन
पुवायां (शाहजहांपुर)। मन्नत का सिक्का डालते समय पैर फिसलने से शारदा नहर में गिरी पीलीभीत के बिलसंडा थाना क्षेत्र के गांव गौहनिया निवासी प्यारेलाल की 18 वर्षीय पुत्री सीमा देवी का शव एनडीआरएफ टीम को दूसरे दिन घटनास्थल से दस किमी दूर गांव सुहेला के पास उतराता मिला। उसके शव को देख परिजनों में कोहराम मच गया।
सीमा देवी 26 जून को अपनी मां गुड्डी देवी के साथ ई-रिक्शा से दवा लेने बंडा के गांव ढका में हकीम के यहां जा रही थी। रास्ते में बंडा के गांव मकसूदापुर में शारदा नहर के पुल पर चालक ने ई-रिक्शा रोक दिया। इस दौरान मां गुड्डी देवी पुल के पास चाट खाने लगीं और सीमा ने मां से कहा कि वह बीमारी को ठीक करने के लिए अपने ऊपर से सिक्का वार कर (मन्नत का सिक्का) नहर में फेंकने जा रही है।
गुड्डी देवी के अनुसार, सीमा जैसे ही नहर के पुल की रेलिंग के पास पहुंची और सिक्का फेंकने लगी, अचानक उसका पैर फिसल गया। वह सीधे गहरे और तेज बहाव वाली शारदा नहर में जा गिरी। सूचना पाकर पुलिस, फायर ब्रिगेड और एनडीआरएफ की टीम ने नहर में सीमा की तलाश की थी, लेकिन पता नहीं चल सका।
एनडीआरएफ की टीम में शामिल टीम कमांडर निरीक्षक दीपिका, उप निरीक्षक वीरेंद्र, सहायक उप निरीक्षक धर्मेंद्र और अन्य बचावकर्मियों ने लगातार सर्च ऑपरेशन जारी रखा। शनिवार को घटनास्थल से लगभग 10 किलोमीटर दूर गांव सुहेला के पास नहर से सीमा का शव बरामद कर लिया गया। सीओ प्रवीण मलिक ने बताया कि एनडीआरएफ की टीम ने शव पुलिस को सौंपा है।
शारदा नहर में डूबी गांव गौहनिया की सीमा देवी का फाइल फोटो। स्रोत : परिजन