परिजन बोले, दो-तीन माह से थे परेशान
कामेंद्र विक्रम सिंह के छोटे पुत्र अच्युत विक्रम सिंह ने बताया कि उनके पिता दो-तीन माह से परेशान थे, लेकिन काफी पूछने पर भी परेशानी का कारण नहीं बताते थे। उनके पिता के पास दो एकड़ जमीन थी, जो बंटाई पर दी हुई थी। पिता घर पर ही रहते थे और एक भैंस पाल रखी थी, उसकी देखभाल करते थे। अच्युत विक्रम के अनुसार बिजली का बिल 32 हजार रुपये बना था। योजना का लाभ लेने के लिए बिल की जानकारी की थी तो अधिकारियों ने बताया कि 17 हजार हजार रुपये किश्तों में जमा करने होंगे, लेकिन किसी कारणवश ओटीएस का लाभ नहीं लिया था।
एसडीएम पुवायां चित्रा निर्वाल ने बताया कि सुसाइड नोट की जानकारी मिलने पर मौके पर गई थी। कामेंद्र विक्रम सिंह ने मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र में बिजली बिल माफ करने और कुछ निजी कर्जा होने की बात लिखी है।
सीओ पुवायां प्रवीण मलिक ने बताया कि बुजुर्ग के पास से मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र मिला है, जिसमें बिजली बिल माफ करने की बात लिखी है। निजी कर्ज की बात भी लिखी है। परिजन 50 हजार रुपये कर्ज बता रहे हैं। किसी पर कोई आरोप नहीं है। जांच कर कार्रवाई कराई जाएगी।