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UP: मुख्यमंत्री जी ! बिजली का बिल माफ कर देना, शाहजहांपुर में सुसाइड नोट लिखकर बुजुर्ग ने दी जान

Wed, 28 Jan 2026 06:45 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर

सार

शाहजहांपुर के पुवायां थाना क्षेत्र में बुधवार को एक बुजुर्ग का शव पेड़ पर फंदे से लटका मिला। उनकी जेब से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें बिजली बिल माफ करने की गुहार लिखी है। परिजनों ने कोई आरोप नहीं लगाया है। 
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कामेंद्र विक्रम सिंह का फाइल फोटो - फोटो : संवाद
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विस्तार
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शाहजहांपुर के पुवायां थाना क्षेत्र के गांव नाहिल निवासी 65 वर्षीय कामेंद्र विक्रम सिंह का शव बुधवार सुबह मकान के सामने पाकड़ के पेड़ से लटका मिला। उनके पास से मिले सुसाइड नोट में उन्होंने बिजली का बिल माफ करने की बात लिखी है और निजी कर्ज का भी जिक्र किया है। हालांकि परिजनों ने अब तक किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है।

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कामेंद्र विक्रम सिंह के बड़े पुत्र सौरभ सिंह उर्फ आदित्य विक्रम सिंह पेस्टीसाइड कंपनी में काम करते हैं और गांव में पिता, मां के साथ रहते हैं। छोटा पुत्र अच्युत विक्रम सिंह पुवायां के एक निजी स्कूल में शिक्षक हैं और पुवायां में किराये पर रहते हैं। पत्नी कामिनी देवी ने बताया कि पति बुधवार सुबह उठे तो उनका व्यवहार सामान्य था। उन्होंने पशुओं को चारा डालने के बाद दूध दुहकर घर में रखा। चाय पी और कहीं चले गए। कुछ देर बाद आसपास के लोगों ने घर के पास पाकड़ के पेड़ से कामेंद्र विक्रम सिंह का शव लटकता देखा तो खलबली मच गई। 

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जेब से मिला मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र 
पत्नी भी रोते-बिलखते मौके पर पहुंचीं। जानकारी पाकर पुलिस मौके पर पहुंची तो उनकी जेब से मुख्यमंत्री को संबोधित एक पत्र मिला। मुख्यमंत्री के नाम लिखे पत्र में कामेंद्र विक्रम सिंह ने लिखा है कि उनका बिजली का बिल माफ कर दिया जाए। उन पर निजी कर्ज भी है। उनके बच्चों को परेशान न किया जाए। खास बात है कि सुसाइड नोट में आत्महत्या के कारणों का कोई जिक्र नहीं किया गया है।

सुसाइड नोट की जानकारी होने के बाद एसडीएम चित्रा निर्वाल और सीओ प्रवीण मलिक मौके पर पहुंचे और परिजनों से जानकारी ली। परिजन भी आत्महत्या के कारणों के बारे में जानकारी नहीं दे पा रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने शव पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया है।

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परिजन बोले, दो-तीन माह से थे परेशान
कामेंद्र विक्रम सिंह के छोटे पुत्र अच्युत विक्रम सिंह ने बताया कि उनके पिता दो-तीन माह से परेशान थे, लेकिन काफी पूछने पर भी परेशानी का कारण नहीं बताते थे। उनके पिता के पास दो एकड़ जमीन थी, जो बंटाई पर दी हुई थी। पिता घर पर ही रहते थे और एक भैंस पाल रखी थी, उसकी देखभाल करते थे। अच्युत विक्रम के अनुसार बिजली का बिल 32 हजार रुपये बना था। योजना का लाभ लेने के लिए बिल की जानकारी की थी तो अधिकारियों ने बताया कि 17 हजार हजार रुपये किश्तों में जमा करने होंगे, लेकिन किसी कारणवश ओटीएस का लाभ नहीं लिया था।

एसडीएम पुवायां चित्रा निर्वाल ने बताया कि सुसाइड नोट की जानकारी मिलने पर मौके पर गई थी। कामेंद्र विक्रम सिंह ने मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र में बिजली बिल माफ करने और कुछ निजी कर्जा होने की बात लिखी है।

सीओ पुवायां प्रवीण मलिक ने बताया कि बुजुर्ग के पास से मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र मिला है, जिसमें बिजली बिल माफ करने की बात लिखी है। निजी कर्ज की बात भी लिखी है। परिजन 50 हजार रुपये कर्ज बता रहे हैं। किसी पर कोई आरोप नहीं है। जांच कर कार्रवाई कराई जाएगी।
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