इस ब्लॉक के गांव बलेली में दो लोगों ने प्रधानी में नामांकन किया था। यहां एक का नामांकन रद्द होने से अब मैदान में अकेले बचे प्रत्याशी का निर्विरोध चुना जाना तय है। क्षेत्र के कुल 75 ग्राम पंचायतों में प्रधान पद के लिए 602 उम्मीदवार मैदान में हैं। यहां कुल 815 ने नामांकन किए थे और उनमें से 207 ने नाम वापस ले लिए और छह के नामांकन रद्द हो गए।
नामांकन वापसी के बाद पूरे ब्लॉक क्षेत्र की जो तस्वीर उभरी है उसके अनुसार, गांव उदयपुर कटैया में दो उम्मीदवारों के बीच सीधी टक्कर होगी। शाहवाजनगर गांव में नामांकन वापसी के बाद सबसे ज्यादा कुल 21 प्रत्याशी आमने-सामने हैं। यहां कुल 25 लोगों ने नामांकन किए थे और बाद में चार ने नाम वापस ले लिए। इसके बाद दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा 18 प्रत्याशी गांव महमदपुर आजमाबाद में हैं। तीसरे नंबर पर गांव ददरौल और पथराकच्छ में 16-16 प्रत्याशी मैदान में हैं। चौथे नंबर पर प्रधानी पद के लिए सबसे ज्यादा 13-13 उम्मीदवार लालपुर, मुतिहासा, भरगवां और गोबरसंडा गांव में हैं।
कांट के 64 गांवों में प्रधानी के 501 उम्मीदवार
कांट। ब्लॉक के कुल 64 ग्राम पंचायतों में प्रधान पद के लिए कुल 501 प्रत्याशी चुनाव मैदान में डटे हैं। यहां कुल 636 लोगों ने नामांकन किया था और दो का नामांकन रद्द हो गया, जबकि 133 ने नाम वापस ले लिए। क्षेत्र के गांव कादर दादपुर उर्फ लिलथरा और नानकपुर में दो-दो प्रत्याशियों के बीच के सीधी टक्कर होगी, जबकि अन्य 63 में एकाधिक प्रत्याशी होने से कहीं त्रिकोणीय तो कहीं बहुकोणीय मुकाबले की स्थिति है। सबसे ज्यादा गांव निकरा में 20 प्रत्याशी मैदान में हैं, जबकि भैंसटा कलां, विक्रमपुर और सिसोरी में 14-14 प्रत्याशी आमने-सामने हैं। ज्यादा प्रत्याशियों के लिहाज से गांव यारपुर, कुइया ई कटैया और मरेना तीसरे नंबर पर हैं। इनमें 13-13 उम्मीदवार मैदान में हैं।