शाहजहांपुर। मदनापुर के गुलेलाखेड़ा गांव के पास बुधवार रात सामने से आई ट्रैक्टर-ट्राॅली से बाइक सवार टकरा गए। हादसे में हरदोई के रहने वाले युवक की मौत हो गई। बाइक के पीछे बैठी युवती घायल हो गई। उसका निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है।
हरदोई के थाना पिहानी क्षेत्र के गांव अब्दुल्लानगर निवासी गफ्फार बेग का 20 वर्षीय बेटा फैसल बेग परिवार के साथ दिल्ली में रहकर एक कंपनी में काम करता था। मंगलवार की रात फैसल ने दिल्ली में घर वालों को नाइट ड्यूटी पर जाने की बात कही और अपने घर हरदोई चला आया। बुधवार की शाम फैसल ने चाचा शादाब से बाजार तक जाने के लिए बाइक मांगी।
अंधेरा होने के बाद वह मदनापुर थाना क्षेत्र में आया और युवती से मुलाकात की। इसके बाद दोनों बाइक से कहीं जाने के लिए निकले। जैसे ही बाइक गुलेलाखेड़ा गांव के पास पहुंची, तभी सामने से आ रही ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई। इस हादसे में फैसल और उसकी मित्र गंभीर रूप से घायल हो गए।
राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों को राजकीय मेडिकल कॉलेज भेजा। बाइक के नंबर को ट्रेस कर फैसल के घरवालों को सूचना दी। इसके बाद आरसी मिशन थाना क्षेत्र के बाडीगांव में रह रहे फूफा रफी अपने 14 वर्षीय बेटे अयान के साथ राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचे और शव की पहचान की।
पुलिस उन्हें हादसे में घायल युवती के पास भी ले गई, लेकिन रफी ने युवती की कोई जानकारी होने से इन्कार कर दिया। मदनापुर थाना प्रभारी निरीक्षक विश्वजीत प्रताप सिंह ने बताया कि युवक के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया है। घायल युवती का अस्पताल में उपचार चल रहा है। फैसल ने हेलमेट नहीं लगाया हुआ था।
अब्बू शव मामू के बेटे का है
रात 12 बजे मिली सूचना के बाद आरसी मिशन के बाडीगांव में रहने वाले रफी अपने बेटे अयान के साथ मौके पर पहुंचे। खून से लथपथ फैसल के शव को देख वह एक बार में नहीं पहचान सके। इसके बाद साथ में आए अयान को शव दिखाया गया। तब अयान बोला- अब्बू यह मामू के बेटे का शव है। तब रफी ने दिल्ली में रह रहे उसके पिता को सूचना दी।
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बेटे की युवती से मित्रता की जानकारी से इन्कार
युवक और युवती दोनों अलग-अलग समुदायों से थे। बृहस्पतिवार सुबह दिल्ली से आए मृतक के पिता गफ्फार ने बताया कि बेटे की युवती से मित्रता की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। पिछले पांच साल से वह दिल्ली में रह रहे हैं। दो साल से पूरा परिवार साथ में रह रहा है। बेटे को बुधवार को फोन लगाया था, लेकिन रिसीव नहीं हुआ था। बेटा फैसल चार भाइयों में सबसे बड़ा था। एक बेटी है। मां अंजुम गुमसुम हो गई है।
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होली पर हुई थी दोनों की दोस्ती
घायल युवती को उसके परिजनों ने किसी प्राइवेट अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया है। बताया जा रहा है कि युवती से फैसल की दोस्ती होली पर हुई थी। इसके बाद से दोनों में बात होती थी। दोनों के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल भी पता की जाएगी।