रोजा (शाहजहांपुर)। ओवरलोडिंग के कारण 33 केवी उपकेंद्र के यार्ड में लगी इनकमिंग ट्रॉली हीटअप होकर धमाके के साथ मंगलवार रात जल उठी। इसी के साथ सब स्टेशन के सारे फीडर ठप होने से करीब 8500 घरों की बत्ती गुल हो गई। नगर की कॉलोनियों और मोहल्लों में पूरी रात ब्लैक आउट जैसे हालात बने रहे। लोग उमस भरी रात में चैन की नींद नहीं ले पाए और सुबह की दिनचर्या भी प्रभावित हुई।
बिजली की बढ़ी हुई खपत का बोझ यहां के पावर नेटवर्क पर भारी पड़ रहा है और इसीलिए आए दिन लाइन फाल्ट और ट्रिपिंग से बत्ती गुल हो रही है। मंगलवार रात सवा नौ बजे तक बिजली सप्लाई सामान्य रूप से होती रही। बाद में वोल्टेज के उतार-चढ़ाव के साथ ट्रिपिंग होने लगी। 15 मिनट बाद बिजली उपकेंद्र के यार्ड की इनकमिंग ट्राली फट गई। उसमें आग लगने के साथ ही रेलवे फीडर, सिटी फीडर, मिश्रीपुर फीडर और केरू एंड कंपनी के फीडर बंद हो गए। गनीमत यह रही कि अटसलिया फीडर चालू रहा, क्योंकि उसे अस्थायी व्यवस्था के तहत नई लाइन बनने तक हथौड़ा पावर सब स्टेशन से बिजली मिल रही है। पहले तो लोगों ने यही समझा कि ट्रिपिंग हुई है, लेकिन एक घंटा बीतने पर भी बिजली नहीं आई तो सब स्टेशन के सीयूजी मोबाइल पर लोगों को कॉल करना शुरू कर दिया।
इस बीच, सब स्टेशन आपरेटर की सूचना पर उपकेंद के प्रभारी अवर अभियंता गुलशन कुमार मौके पर पहुंचे। चूंकि, उस वक्त अंधेरा होने के कारण यार्ड में जली हुई ट्रॉली बदलने का काम कराना संभव नहीं हुआ। इसलिए रोजा अड्डा, रेलवे कालोनी, आदर्शनगर, प्रेमनगर कालोनी, बल्लिया गांव, इंडस्ट्रियल एरिया, आईटीआई, मंडी (आंशिक) आदि इलाकों में पूरी रात बत्ती गुल रही। बिजली संकट के कारण उमस भरी रात में लोग चैन की नींद भी नहीं ले पाए। सुबह ट्रॉली बदलने का काम पूरा होने पर दिन में 8.30 बजे से बिजली आपूर्ति सामान्य हो सकी।
बिजली के अवैध दोहन से रोजा में ओवरलोडिंग से फाल्ट की समस्या रोजमर्रा की बात हो गई है। अधिकारी चेकिंग कर संबंधितों पर कड़ी कार्रवाई करें।
सौरभ दीक्षित, मोबाइल विक्रेता, रेलवे कॉलोनी
पूरी रात बिजली नहीं आने से मच्छरों ने सोने नहीं दिया। सुबह भी देर से बिजली आई। ऐसी स्थिति में दिन मेें ड्यूटी करनी कठिन हो जाती है।
सुशील मिश्रा, लोको पायलट, प्रेमनगर कालोनी