सावन के पवित्र महीने में भगवान भोलेनाथ के भक्तों का उत्साह सातवें आसमान पर है। वह इसलिए भी क्योंकि उन पर इंद्रदेव की विशेष कृपा हो रही है। शनिवार को पहले दिन ही भीषण गर्मी से निजात दिलाने के लिए आसमान में घनघोर बादल छाए रहे और छुटपुट बारिश भी हुई। वहीं दूसरे दिन भी मौसम खुशगवार रहा और झमाझम बारिश से कांवड़ियों का स्वागत हुआ। इससे उनकी कई किलोमीटर की पदयात्रा भी आनंददायक हो गई।
सावन का पहला सोमवार आज है और सावन के सोमवार का विशेष महत्व होता है, इसलिए भोलेनाथ के भक्तों ने रविवार को पूजा-पाठ की विशेष तैयारियां कीं। मंदिरों को भी बिजली की झालरों और फैंसी झंडियों से सजाया गया है। कुल मिलाकर शिव के भक्तों में खासा महत्व है।
इधर, कांवड़ियों के जत्थों से शहर का माहौल भी धार्मिक होने लगा है। भगवा वस्त्र पहने और नंगे पैर कंधे पर कांवड़ रखे भोले बाबा के भक्त बोल बम, जय भोले के उद्घोष करते हुए गोलागोकर्ण नाथ के लिए कूच कर रहे हैं। कांवड़ियों का उत्साह बढ़ाने और उनकी थकान कम करने के लिए शहरवासी भी उनके जयघोष में अपना स्वर मिला रहे हैं। खास चौराहों पर पुलिस बल तैनात किया गया है। भारी वाहनों के साथ दूर-दराज से आने वाले कांवड़ियों को बरेली मोड़ से बाईपास होते हुए हथौड़ा चौराहा होकर छोटी काशी अर्थात गोलागोकर्णनाथ के लिए रवाना किया जा रहा है। हथौड़ा चौराहा पर भी भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।