अखिल भारतीय नाट्य एवं नृत्य महोत्सव (शाहजहांपुर रंग महोत्सव) में तीसरे दिन विभिन्न प्रांतों से आए कलाकारों ने कला और संगीत को जीवंतता प्रदान की। दोपहर में चली नृत्य प्रतियोगिताओं में कलाकारों ने लोक संस्कृति के रंग बिखेरे और निर्णायकों का ध्यानाकर्षण किया। यहां मुख्य अतिथि पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा ने स्मारिका का विमोचन किया। नृत्य प्रतियोगिता की पहली प्रस्तुति रिदम स्क्वॉयड डांस एकेडमी बंगलौर ने ग्रुप डांस से दी। इस कड़ी में बिंदास ग्रुप बरेली के कलाकारों ने लावणी नृत्य प्रस्तुत कर तालियां बटोरीं। अमेजिंग डांस एकेडमी पीलीभीत की टीम ने फ्यूजन ग्रुप डांस, रंग मार्च पटना की कलाकार नूपुर चक्रवर्ती ने सेमी क्लासिकल डांस, नृत्य धाम लखनऊ ने ग्रुप डांस, कौसिकी रॉकर्स ग्रुप दुर्ग भिलाई छत्तीसगढ़ ने क्लासिकल ग्रुप डांस, रीना और नूपुर चक्रवर्ती ने क्लासिकल और सेमी क्लासिकल, रसकला कटनी मध्य प्रदेश की आंचल चौबे ने एकल फोक डांस, कत्थक रॉकर्स दुर्ग भिलाई ने फोक डांस प्रस्तुत किया। बिंदास ग्रुप बरेली ने फ्यूजन ग्रुप डांस और अभिनय मित्र सहारनपुर के कलाकारों ने सोेलो नृत्य प्रस्तुत किया। इससे पूर्व मुख्य अतिथि राज्यमंत्री राममूर्ति वर्मा ने मां सरस्वती और अमर शहीदों के चित्रों पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रमों का शुभारंभ किया। वर्मा ने स्मारिका विमोचन भी किया। डॉ. इंदु अजनबी के संचालन में चले कार्यक्रम में आयोजन समिति के अध्यक्ष कृष्ण कुमार श्रीवास्तव, महासचिव शमीम आजाद, संजय राठौर, विनीत सिंह, शिवम श्रीवास्तव, दिव्यांशु सिंह, रिजवान सिद्दीकी, प्रवीेण गौड़, सौरभ अग्निहोत्री, हीरा थींड, विकास भारती, अजय मोहन शुक्ला आदि का योगदान रहा।
नाटकों से किया अभिनय क्षमता का प्रदर्शन
शाहजहांपुर रंग महोत्सव (अखिल भारतीय नाट्य एवं नृत्य प्रतियोगिता) के तीसरे दिन भी चार नाटकों का मंचन किया गया। रविवार को पहला नाटक प्रयास, थ्रीडी नाट्य संस्था इंदौर की ओर से काश ऐसा होता नामक नाटक का प्रभावी मंचन किया गया। राघव द्वारा लिखित और निर्देशित नाटक काश ऐसा होता में कलाकारों ने एक राजा के माध्यम से विभिन्न कालखंडों को जोड़ते हुए जीवन के बाल्यकाल, किशोरावस्था, युवावस्था और बुढ़ापे की मनोदशा को मंच पर उतारा। इस कड़ी में रंगमंच आरा बिहार के कलाकारों ने नाटक अंधेरनगरी खेला। भारतेंदु हश्चिंद्र के इस नाटक का मंचन शशि सागर ने किया। रंगमार्च पटना बिहार की टीम ने रवींद्र नाथ टैगोर के नाटक चंडालिका का मंचन कर प्रभाव छोड़ा। इस नाटक का मंचन नूपुर चक्रवर्ती ने किया। इसी कड़ी में फाइव एलिमेंट नई दिल्ली के कलाकारों ने राखी मानव द्वारा लिखित और निर्देशित नाटक ढाई आखर प्रेम का नामक नाटक का मंचन कर वाहवाही लूटी। मीडिया प्रभारी शिवम श्रीवास्तव ने बताया कि सोमवार को महोत्सव का समापन शहर में रंगयात्रा और उसके बाद पुरस्कार वितरण से किया जाएगा। रंगयात्रा का शुभारंभ सुबह नौ बजे केरुगंज स्थित महाराजा अग्रसेन भवन से किया जाएगा।