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दिवाली से पूर्व सुधर जाएगी  गोविंदगंज क्षेत्र की सप्लाई

Thu, 29 Sep 2016 11:53 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शाहजहांपुर
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सब कुछ ठीक रहा तो दिवाली से पहले ही गोविंदगंज इलाके की बिजली सप्लाई व्यवस्था दुरुस्त कर ली जाएगी। चिनौर से पैना तक डाली गई 33 केवी की नई लाइन चालू होने से यह संभव होगा। अफसरों की कोशिश है कि लाइन दशहरा और रामलीला मेलों से पहले ही चालू कर दी जाए, लेकिन काम की रफ्तार को देखते हुए यह असंभव सा प्रतीत हो रहा है। 
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वर्तमान में छावनी क्षेत्र के एमईएस कैंपस में खड़े जंगल से आए दिन पैना-गोविंदगंज के बीच 33 केवी लाइन के तार टूटने से घंटों बिजली संकट बना रहता है। इस समस्या से निपटने के लिए पॉवर कारपोरेशन के अफसरों ने विभाग की कार्यदायी संस्था एनकेजी के जरिए चिनौर से लेकर गोविंदगंज तक 33 केवी क्षमता की नई लाइन करीब एक माह पूर्व तैयार कर ली, लेकिन अभी इस पर लोड कनेक्शन डालकर टेस्टिंग होना बाकी है। नई लाइन चालू होने से उपभोक्ताओं को सहूलियत के साथ-साथ विभाग को भी अधिक राजस्व प्राप्ति की उम्मीद की जा रही है।  

गोविंदगंज के लाइन फाल्ट इसलिए बनते हैं मुसीबत
शहर के 33 केवी क्षमता वाले गोविंदगंज और बहादुरगंज सब स्टेशनों को इस समय पुवायां रोड स्थित पैना के 220 केवी ट्रांसमिशन पॉवर स्टेशन से बिजली मिल रही है। यह लाइन पैना से मऊ बासक और वहां से कैंट एरिया के एमईएस कैंपस होते हुए गोविंदगंज तक गई है। लाइन के कई पोल छावनी क्षेत्र में इमली रोड के एमईएस कैंपस में लगे हैं, जहां आम, नीम, शीशम, जामुन आदि का जंगल खड़ा है। यही नहीं, मऊ बासक में इसी लाइन का एक पोल वहां की मस्जिद के अहाते में लगा है। मस्जिद के पोल में खराबी आने पर बिजली कर्मचारियों को फाल्ट ठीक करने के लिए नमाज पूरी होने के बाद वहां के इमाम से अंदर जाने की इजाजत लेनी पड़ती है। इसी तरह एमईएस कैंपस में फाल्ट ठीक करने के लिए बिजली अभियंताओं को छावनी क्षेत्र में ब्रिगेडियर ऑफिस से लेकर कैंट बोर्ड के सीईओ दफ्तर तक चक्कर लगाने पड़ते हैं। ऐसे में तार टूटने जैसे मामूली फाल्ट ठीक करने में घंटों लग जाते हैं।
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पेट्रोलिंग की राह आसान करेगी नई लाइन 
लाइन फाल्ट ठीक करने में इस तरह की बाधाएं पड़ती देख विभाग ने करीब एक साल पहले पैना-गोविंदगंज लाइन का रूट बदलकर उसे मऊ बासक गांव और एमईएस कैंपस से हटाकर रोड साइड में नई लाइन तैयार करानी शुरू की। नई लाइन के तार एमईएस परिसर के बाहर रोड के समानान्तर डाली गई है। इस कारण आधी रात को भी फाल्ट होने पर उसे मौके पर जाकर तत्काल ठीक किया जा सकेगा। लाइन स्टाफ की यह बहानेबाजी भी नहीं चलेगी कि जंगल से गुजरी लाइन की खराबी दिन निकलने पर ठीक हो पाएगी। 

उपभोक्ताओं समेत विभाग की होगी बल्ले-बल्ले
गोविंदगंज सब स्टेशन के लिए तैयार की गई नई लाइन लंबाई के लिहाज से वर्तमान पुरानी लाइन से आधी से भी कम है। गोविंदगंज सब स्टेशन के प्रभारी अवर अभियंता अलंकृत मिश्रा के अनुसार पैना से गोविंदगंज तक वर्तमान लाइन की लंबाई करीब नौ किमी है और रास्ता इतना खराब है कि मौसम साथ नहीं देने पर लाइन चेक करना कठिन हो जाता है। इसके विपरीत चिनौर-गोविंदगंज के बीच नई लाइन बमुश्किल ढाई किमी लंबी है, और उस पर केवल 60 पोल चेक करने होंगे। लंबाई घटने से विभाग को लाइन लॉस जैसी हानियां कम होंगी और उपभोक्ताओं को भरपूर बिजली मिलेगी। जेई मिश्रा के अनुसार नई लाइन दिवाली से पहले चालू हो जाने की पूरी उम्मीद है। 

नवनिर्मित लाइन पर बिजली लोड डालने के लिए सेना के ब्रिगेडियर और कैंट बोर्ड के सीईओ से क्लीयरेंस के लिए पहले ही संपर्क किया जा चुका है, क्योंकि लाइन का काफी हिस्सा छावनी क्षेत्र में है। अब लाइन चालू करने के लिए ट्रांसमिशन सेक्शन से डेट लेने का प्रयास किया जा रहा है। इसके तुरंत बाद लाइन को चिनौर में 132 केवी पॉवर स्टेशन और दूसरी ओर गोविंदगंज सब स्टेशन से कनेक्ट कर बिजली सप्लाई चालू कर दी जाएगी।
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- मुनि चोपड़ा, एक्सईएन, वर्क्स डिवीजन, पॉवर कारपोरेशन
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