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आत्महत्या करने से पहले रेशू ने मांगा था अविनाश से चार बजे तक का समय

Sat, 12 Jun 2021 12:08 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, शाहजहांपुर

सार

  • फोन कर सूदखोर से कुछ मोहलत देने के लिए गिड़गिड़ाती रही थी रेशू
  • अविनाश ने साफ मना कर दिया, कार्रवाई की दी थी चेतावनी
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प्रभारी मंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने अखिलेश के परिजनों से मुलाकात की... - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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परिवार समेत आत्महत्या करने से करीब दो घंटे पहले अखिलेश की पत्नी रेशू और सूदखोर अविनाश वाजपेयी के बीच करीब पांच मिनट दस सेकेंड बातचीत हुई थी। ऑडियो में रेशू सूदखोर से घर खाली करने के लिए कुछ घंटे की मोहलत मांगती रही लेकिन अविनाश नहीं पसीजा। दो-टूक कह दिया कि मकान खाली चाहिए वरना वह आ रहा है। एक बजे तक का वक्त अविनाश ने दिया था मगर उससे पहले ही दंपती और दो बच्चों ने आत्महत्या कर ली।

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चौक कोतवाली क्षेत्र के कच्चा कटरा निवासी अखिलेश गुप्ता ने सूदखोर अविनाश वाजपेयी से प्रताड़ित होकर पत्नी रेशु बेटा शिवांक और बेटी अर्जिता के साथ सामूहिक रूप से फंदे से लटककर जान दे दी थी। सुसाइड नोट में पूर्ण रूप से सूदखोर अविनाश को जिम्मेदार बताया था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी सूदखोर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। 

शुक्रवार को परिवार ने पुलिस को जानकारी दी कि अखिलेश की पत्नी और सूदखोर के बीच घटना से करीब दो घंटे पहले 10:30 पर फोन पर बातचीत हुई थी। इसमें पत्नी रेशू सूदखोर से एक ही गुहार लगा रही थी कि घर खाली करने के लिए कुछ घंटों की मोहलत दे दो। मरने से दो घंटे पहले फोन पर हुई बातचीत में बेटी की आवाज सुनकर उसकी मां आंसू निकलने लगे।
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शुक्रवार परिवार से मिलने आए प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल से रेशू और अखिलेश की मां हाथ जोड़कर सिर्फ एक गुहार लगा रहीं थीं कि सूदखोर को किसी भी कीमत पर बख्शा न जाए। अखिलेश की मां ने कहा कि सूदखोर की उसकी बहू रेशू पर बुरी नजर थी। 

सुमंत गुप्ता को सुनाए ऑडियो
अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुमंत गुप्ता शुक्रवार को अखिलेश के परिजनों से मिलने उनके आवास पर पहुंचे। उन्हें परिजनों ने अखिलेश की पत्नी रेशू और सूदखोर अविनाश के बीच मरने से दो घंटा पहले हुई बातचीत के ऑडियो सुनाए।
रेशू - शिवांग के पापा से कोई बात हुई थी।
अविनाश - मेरी कोई बात नहीं हुई उससे।
रेशू-आपने कुछ टाइम दिया है आज के लिए।
अविनाश - टाइम खत्म हो गया, आज आपको खाली करना होगा। जैसे आपको अच्छा लगे वैसे आप खाली कर दें।
रेशू - पैसे के लिए बात चल रही थी, उन्होंने आज के लिए बोला था।
अविनाश - मुझे पैसा नहीं चाहिए, अब आप घर खाली कर दीजिए, अगर घर नहीं खाली करेंगे तो मैं उचित कार्रवाई करूंगा।
रेशू - अच्छा किस टाइम तक खाली करने के लिए बोला है।
अविनाश - भइया ने मुझे 12 से एक बजे तक का वक्त दिया था, आप लोग जिस समय चाहें, उस समय खाली कर देना।
रेशू - भइया थोड़ा वक्त लगेगा शाम में तीन से चार बजे तक।
इतना बोलते ही फोन कट गया।

दूसरी ऑडियो रिकार्डिंग करीब चार मिनट पांच सैकेंड की है...
रेशू - थोड़ा टाइम तो लगेगा न तीन-चार बजे तक।
अविनाश - देखिये भाभी जी मैं तीन-चार बजे तक का समय नहीं दे पाऊंगा, आप कपड़े उठा लीजिए बाकी कोई सामान नहीं जाएगा।
रेशू- चलिए हम कुछ भी नहीं लेकर जाएंगे, खाली कपड़े लेकर जाएंगे, लेकिन थोड़ा समय देंगे, बच्चों को तैयार करना होगा।
अविनाश - एक बात जरूर कहूंगा, जब आप घर से निकल जाइएगा, उसके बाद आप पर्सनली भइया के साथ आकर मिल लीजिएगा, मैं आप लोगों का कभी बुरा नहीं चाहूंगा, जो आप लोग समझते हैं, मैं वैसा नहीं हूं।
रेशू - हम आपके बारे में कुछ गलत नहीं सोचते हैं। बस आप थोड़ा सा तीन चार बजे तक का टाइम दीजिए, निकलने के लिए थोड़े कपड़े तो रखना पड़ेंगे।
अविनाश - नही भाभी जी, मैं वहां पर आऊंगा, आपको जो उचित लगे।
रेशू - किस टाइम आप आएंगे, चार बजे तक का टाइम दीजिए हमको।
अविनाश - नहीं भाभी, हम चार बजे तक का टाइम नहीं देंगे, आपको बस एक बजे तक का समय दे रहे हैं।
रेशू - हम घर फ्री कर देंगे, कपड़े रखने तक का वक्त तो दीजिए आप हमें, बच्चे सो रहे हैं, हमने अभी बच्चों को नहलाकर खाना कुछ भी नहीं खिलाया।
अविनाश - हां आप खिला लीजिए, मैं आपको दो घंटे तक का समय देता हूं।
रेशू - आप हमें तीन बजे तक का समय दीजिए, हम घर खाली कर देंगे, आपको घर खाली चाहिए, हम घर से कुछ भी नहीं लेकर जाएंगे।
अविनाश - मैं जो आपसे कह रहा हूं, उस बात पर आपने ध्यान नहीं दिया, मैं ये कह रहा हूं, आपको जो सामान चाहिए है, ठीक है, मतलब आपको लगता है, आपको जो सामान चाहिए आप मुझे बता दीजिएगा, लेकिन ये मानकर चलिए, कोई भी सामान किसी तरह से कहीं नहीं जाएगा।
रेशू - मुझे उन सब चीजों से कोई मतलब नहीं है। जब हमें घर छोड़ना है, बात ही खत्म हो गई। बस ये हैं न, कि आप हमे दो बजे तक समय दीजिए।
अविनाश - दो बजे तक समय नहीं
रेशू - भइया हमे दो बजे तक का टाइम तो दीजिए, हम घर खाली करने को तैयार हैं, उसके बाद भी आप हमें दो बजे तक का समय नहीं देंगे।
अविनाश - हम एक बजे तक घर जाएंगे, आप एक बजे तक घर खाली कर देना, लेकिन आप किसी तरह का सामान नहीं लेकर जाएंगे।
रेशू - हम कतई खाली हाथ जाएंगे, हम बिल्कुल खाली हाथ जाएंगे।

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परिवार से मिलने के बाद प्रभारी मंत्र ने कठोर कार्रवाई का दिया आश्वासन

प्रभारी मंत्री कपिलदेव अग्रवाल अखिलेश के परिजनों से मिले। उनसे कहा कि मुख्यमंत्री ने मामले का संज्ञान लिया है। सभी दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रभारी मंत्री ने साफ लहजे में एसपी से कहा कि इतना बड़ा काम अकेले कोई नहीं कर सकता। इसलिए पिता ने दूसरी तहरीर दी है जिसमें अज्ञात लोगों का जिक्र है।

उस तहरीर को गंभीरता से लेकर उसकी जांच करें और अविनाश के साथियों पर भी कार्रवाई होना चाहिए। बहुत जल्द अखिलेश का घर अविनाश से वापस अखिलेश के पिता को दिलाया जाएगा। वहीं अखिलेश गुप्ता के घर जाते समय उबड़खाबड़ सड़क देखकर प्रभारी मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई। 

सीबीआई जांच हो : सुमंत
शाहजहांपुर। अखिलेश के परिवार से मिलने के लिए अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुमन्त गुप्ता कई व्यापारियों के साथ आवास पर पहुंचे। राष्ट्रीय अध्यक्ष सुमन्त गुप्ता ने एक होटल में मीडिया से बात करते हुए बताया कि सुसाइड नोट की गहनता से जांच की जाए। मांग की है कि इस घटना की सीबीआई से जांच कराई जाए। घटना में शामिल अपराधियों पर रासुका लगाई जाए।

अखिलेश के माता-पिता को पचास लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। सुमन्त गुप्ता ने एडीएम प्रशासन रामसेवक द्विवेदी को सीएम को संबोधित ज्ञापन देकर जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की। उनके साथ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वेदप्रकाश गुप्ता, महानगर अध्यक्ष अजय गुप्ता (पोता), महिला अध्यक्ष नीतू गुप्ता, महानगर अध्यक्ष ज्योति गुप्ता, सचिन बाथम, अग्निवेश गुप्ता आदि व्यापारी शामिल रहे। 
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