पिता ने मंत्री को बताया कि अखिलेश को घटना से एक दिन पहले सूदखोर के साथ उसके अन्य साथी भी धमकाने आए थे। लेकिन अज्ञात लोगों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। जिस पर उन्होंने आश्वासन दिया कि सूदखोर के अन्य साथियों को भी जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
मीडिया से बातचीत में मंत्री नंदी ने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है। बाइक पर तीन लोग धमकाने आए थे, जिसमें से एक गिरफ्तार हो गया। बाकी दो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए डीएम और एसपी से बात कर उनके ऊपर कठोरतम धाराओं में कार्रवाई के लिए कहेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ प्रदेश में कठोर कार्रवाई होती है। उनकी संपत्तियों पर बुलडोजर चलाकर कुर्क भी किया जाता है।
आरोपियों पर एनएसए की कार्रवाई की मांग
उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के पदाधिकारियों सचिन बाथम, सुरेंद्र सिंह सेठ और वेद प्रकाश गुप्ता ने भी मंत्री नंद गोपाल नंदी को ज्ञापन सौंपा। इसमें मांग की गई कि अखिलेश गुप्ता के घर की रजिस्ट्री सूदखोर ने धमका कर अपने नाम करा ली थी। उस घर को अखिलेश के पिता के नाम कराया जाए। अधिक दिए गए धन को वापस परिवार को दिलाया जाए। व्यापारियों ने मांग की है कि पिता द्वारा आठ जून को पुलिस को दी तहरीर पर एफआईआर दर्ज की जाए। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि अगर आरोपियों पर रासुका की कार्रवाई नहीं होती है तो व्यापारी बाजार बंद कर आंदोलन करेंगे।
वैश्य समाज ने की कार्रवाई की मांग
अखिलेश गुप्ता को न्याय दिलाने के लिए वैश्य समाज जिलाध्यक्ष रजत गुप्ता ने मंत्री नंदी को ज्ञापन सौंपा। इसमें मांग की गई कि दोषी के खिलाफ महज धारा 306 के तहत कार्रवाई की गई है। जबकि आरोपी गैंग बनाकर भोले-भाले लोगों को मनमाने ब्याज दर पर रुपये देकर चल और अचल संपत्ति को हथिया लेता है। उनकी मांग है कि इस प्रकरण की सीबीआई जांच हो, आरोपी पर अखिलेश की पत्नी के साथ अभद्रता की कोशिश, बच्चों की हत्या और रंगदारी मांगने की धारा बढ़ाई जाए। अखिलेश के मकान को सूदखोर से वापस परिवार को दिलाया जाए।
वैश्य समाज ने पदयात्रा निकाली, जाम लगाया
अखिलेश गुप्ता को न्याय दिलाने के लिए व्यापारी विनय अग्रवाल ने तमाम वैश्य समाज के लोगों के साथ हनुमतधाम के पास से पदयात्रा शुरू की। कच्चा कटरा के स्थित पेट्रोल पंप के पास सड़क को जाम कर सूदखोर और उसके अन्य साथियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनकी मांग है कि सूदखोर और उसके साथियों पर
गैंगस्टर की कार्रवाई की जाए।
तिल-तिल कर मरा मेरा बेटा, सूदखोर को भी मिले ऐसी सजा
अखिलेश की मां विजया गुप्ता को बेटी शैफाली संभाल रही थी। मां अपने बेटे की पुरानी बातें याद कर कर रो रहीं थीं। मां के आंसू देखकर अखिलेश की बहनें भी अपने आंसू नही रोक पा रहीं थी, लेकिन बेटी शैफाली हर तरह मां को दिलासा देने की कोशिश कर रही थीं। उधर मां रो-रोकर कह रहीं थी कि आखिर बुढ़ापे के सहारे को क्यों छीन लिया। अखिलेश ने कभी किसी बात पर परेशान नहीं किया। अब परेशान करके छोड़कर चला गया। बेटे को खोने का दुख और सूदखोर के खिलाफ गुस्सा साफ मां के लहजे और आंखों में दिख रहा था। आरोपी को कौन सी सजा दिलाने के सवाल पर मां ने कहा कि सूदखोर को तिल-तिल कर मारना चाहिए। उसको जिंदा रहने का कोई हक नहीं है।