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सामूहिक सुसाइड केस: यूपी कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल नंदी बोले- सूदखोरों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होगी कि पुश्तें याद रखेंगी 

Thu, 10 Jun 2021 08:49 PM IST
सुशील कुमार कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर

सार

अखिलेश ने सुसाइड नोट में अपनी मौत का जिम्मेदार कांट निवासी अविनाश वाजपेयी को बताया था। गुरुवार को करीब एक बजे अखिलेश के पिता अशोक गुप्ता और मां विजया गुप्ता से नागरिक उड्डयन, राजनीतिक पेंशन, अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज विभाग मंत्री नंद गोपाल नंदी मिलने पहुंचे। 
 
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सूदखोर से त्रस्त होकर परिवार सहित आत्महत्या करने वाले दवा कारोबारी अखिलेश गुप्ता के परिजनों से मिले यूपी कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल नंदी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल नंदी गुरुवार को कहा कि सूदखोरों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होगी कि उनकी पुश्तें याद रखेंगी। ऐसे लोगों के लिए मुख्यमंत्री से चर्चा कर कठोर कार्रवाई की जाएगी। नंदी सूदखोर से त्रस्त होकर परिवार सहित आत्महत्या करने वाले दवा कारोबारी अखिलेश गुप्ता के माता-पिता से मिलने पहुंचे थे। 
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मंत्री ने परिवार को आश्वासन दिया कि जिस तरह से शराब, खनन और भू-माफिया के खिलाफ कार्रवाई कर उनकी संपत्ति को जब्त किया जाता है, उसी तरह सूदखोर और उसके साथियों के खिलाफ रासुका की कार्रवाई कर संपत्ति को जब्त किया जाएगा। 

मंत्री के आने से पहले व्यापारियों ने कनौजिया अस्पताल के पास सड़क पर धरना देकर आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग की। वहीं मंत्री से मां ने कहा कि बुढ़ापे के सहारे को छीन लिया। उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होना चाहिए। सात जून को चौक कोतवाली क्षेत्र के कच्चा कटरा मोहल्ला निवासी दवा कारोबारी अखिलेश गुप्ता ने सूदखोर अविनाश वाजपेयी से प्रताड़ित होकर पत्नी रेशु, बेटे शिवांग और बेटी अर्जिता के साथ फंदे से लटककर जान दे दी थी।
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अखिलेश ने सुसाइड नोट में अपनी मौत का जिम्मेदार कांट निवासी अविनाश वाजपेयी को बताया था। गुरुवार को करीब एक बजे अखिलेश के पिता अशोक गुप्ता और मां विजया गुप्ता से नागरिक उड्डयन, राजनीतिक पेंशन, अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज विभाग मंत्री नंद गोपाल नंदी मिलने पहुंचे। 

अखिलेश के घर पर मंत्री ने माता-पिता और बहनों को ढांढस बंधाया। बेटे को खो चुकी मां के आंसू रुक नहीं रहे थे। मंत्री नंदी ने सभी को हरसंभव मदद, सूदखोर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, सूदखोर और उसके अन्य साथियों पर रासुका की कार्रवाई, सूदखोर से घर वापस दिलाने और मूल धन से अधिक वसूले गए धन को वापस दिलाने का आश्वासन दिया। करीब आधे घंटे तक मंत्री ने अखिलेश के माता-पिता से घटना के बारे में और पुलिस की कार्रवाई के बारे में जानकारी ली।  

 

पिता ने मंत्री को बताया कि अखिलेश को घटना से एक दिन पहले सूदखोर के साथ उसके अन्य साथी भी धमकाने आए थे। लेकिन अज्ञात लोगों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। जिस पर उन्होंने आश्वासन दिया कि सूदखोर के अन्य साथियों को भी जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। 

मीडिया से बातचीत में मंत्री नंदी ने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है। बाइक पर तीन लोग धमकाने आए थे, जिसमें से एक गिरफ्तार हो गया। बाकी दो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए डीएम और एसपी से बात कर उनके ऊपर कठोरतम धाराओं में कार्रवाई के लिए कहेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ प्रदेश में कठोर कार्रवाई होती है। उनकी संपत्तियों पर बुलडोजर चलाकर कुर्क भी किया जाता है।

आरोपियों पर एनएसए की कार्रवाई की मांग
उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के पदाधिकारियों सचिन बाथम, सुरेंद्र सिंह सेठ और वेद प्रकाश गुप्ता ने भी मंत्री नंद गोपाल नंदी को ज्ञापन सौंपा। इसमें मांग की गई कि अखिलेश गुप्ता के घर की रजिस्ट्री सूदखोर ने धमका कर अपने नाम करा ली थी। उस घर को अखिलेश के पिता के नाम कराया जाए। अधिक दिए गए धन को वापस परिवार को दिलाया जाए। व्यापारियों ने मांग की है कि पिता द्वारा आठ जून को पुलिस को दी तहरीर पर एफआईआर दर्ज की जाए। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि अगर आरोपियों पर रासुका की कार्रवाई नहीं होती है तो व्यापारी बाजार बंद कर आंदोलन करेंगे।

वैश्य समाज ने की कार्रवाई की मांग
अखिलेश गुप्ता को न्याय दिलाने के लिए वैश्य समाज जिलाध्यक्ष रजत गुप्ता ने मंत्री नंदी को ज्ञापन सौंपा। इसमें मांग की गई कि दोषी के खिलाफ महज धारा 306 के तहत कार्रवाई की गई है। जबकि आरोपी गैंग बनाकर भोले-भाले लोगों को मनमाने ब्याज दर पर रुपये देकर चल और अचल संपत्ति को हथिया लेता है। उनकी मांग है कि इस प्रकरण की सीबीआई जांच हो, आरोपी पर अखिलेश की पत्नी के साथ अभद्रता की कोशिश, बच्चों की हत्या और रंगदारी मांगने की धारा बढ़ाई जाए। अखिलेश के मकान को सूदखोर से वापस परिवार को दिलाया जाए।
 
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वैश्य समाज ने पदयात्रा निकाली, जाम लगाया
अखिलेश गुप्ता को न्याय दिलाने के लिए व्यापारी विनय अग्रवाल ने तमाम वैश्य समाज के लोगों के साथ हनुमतधाम के पास से पदयात्रा शुरू की। कच्चा कटरा के स्थित पेट्रोल पंप के पास सड़क को जाम कर सूदखोर और उसके अन्य साथियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनकी मांग है कि सूदखोर और उसके साथियों पर
गैंगस्टर की कार्रवाई की जाए।

तिल-तिल कर मरा मेरा बेटा, सूदखोर को भी मिले ऐसी सजा
अखिलेश की मां विजया गुप्ता को बेटी शैफाली संभाल रही थी। मां अपने बेटे की पुरानी बातें याद कर कर रो रहीं थीं। मां के आंसू देखकर अखिलेश की बहनें भी अपने आंसू नही रोक पा रहीं थी, लेकिन बेटी शैफाली हर तरह मां को दिलासा देने की कोशिश कर रही थीं। उधर मां रो-रोकर कह रहीं थी कि आखिर बुढ़ापे के सहारे को क्यों छीन लिया। अखिलेश ने कभी किसी बात पर परेशान नहीं किया। अब परेशान करके छोड़कर चला गया। बेटे को खोने का दुख और सूदखोर के खिलाफ गुस्सा साफ मां के लहजे और आंखों में दिख रहा था। आरोपी को कौन सी सजा दिलाने के सवाल पर मां ने कहा कि सूदखोर को तिल-तिल कर मारना चाहिए। उसको जिंदा रहने का कोई हक नहीं है। 
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