शाहजहांपुर। बैंक कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल के पहले दिन ही खातेदारों को वित्तीय संकट का सामना करना पड़ा। दोपहर तक अधिकांश एटीएम कैश से खाली हो जाने के कारण तमाम लोगों को निराश लौटना पड़ा। बैंक कर्मियों की पहले दिन की हड़ताल से करीब 200 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ।
बैंक कर्मचारियों ने दो फरवरी तक हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है, लेकिन दो फरवरी को रविवार पड़ने के कारण इसका असर दो दिन ही रहेगा। इसके पहले दिन शुक्रवार को ही लोगों को बैंक बंदी के चलते काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। लोग अपने घर से जरूरी काम के लिए पैसा निकालने के लिए जैसे ही बैंक पहुंचे वहां ताले लटके मिले, जिससे उन्हें बैरंग लौटना पड़ा। बैंक कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने की वजह से एटीएम से ट्रांजेक्शन पर भी इसका असर पड़ा है। सबसे ज्यादा परेशानी व्यापारियों को उठानी पड़ी, जिन्हें रोजाना बैंकों के माध्यम से लाखों रुपये का लेनदेन करना होता है।
रोजाना लेनदेन करने वाले व्यापारियों को सबसे ज्यादा नुकसान
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के नगर अध्यक्ष सचिन बाथम के मुताबिक हड़ताल से व्यापारियों को परेशानी तो हुई है, लेकिन सबसे ज्यादा दिक्कत ट्रांसपोर्टर और बिल्डर्स को हुई, जिन्हें रोजाना लेनदेन करना पड़ता है। दो दिन बैंक बंद रहने से मजदूरों को भुगतान नहीं दे पाएंगें, जिससे काम प्रभावित होगा। अब सोमवार को ही बैंक खुलेंगे तो भीड़ होने से भी काफी समस्या होगी।
रुपयों के लिए भटकते रहे तीमारदार
अस्पतालों में भर्ती मरीजों के इलाज के लिए तीमारदारों को रुपये नहीं मिल पाए, वे जब बैंक पहुंचे तो वहां ताला लटका हुआ था, एटीएम में एक निश्चित राशि तक ही धन निकालने का नियम होने के कारण उन्हें जरूरत के हिसाब से रुपये नहीं मिल सके। बैंक बंद होने के चलते निकासी का लोड बढ़ा तो दोपहर बाद ही एटीएम भी खाली हो गए।
फैक्ट फाइल
09 - यूनियनें हड़ताल में हुईं शामिल
225 - बैंक शाखाएं रही बंद
1200 - अधिकारी व कर्मचारी हड़ताल पर रहे
200 - करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ प्रभावित
हड़ताल पर रहे कर्मचारियों ने निजी बैंक भी कराए बैंक
31 बैंकों की 225 से अधिक शाखाओं पर लटके रहे ताले, अगले दो दिन भी बंद रहेंगे बैंक
शाहजहांपुर। वेतन वृद्धि समेत अन्य मांगों को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर शुक्रवार से बैंक कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। इस दौरान 31 बैंकों की 225 से अधिक शाखाओं पर ताले लटके रहे। इस दौरान कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर निजी बैंक भी बंद कराए।
बैंकों के अधिकारी और कर्मचारी सुबह करीब 10 बजे बीओबी के क्षेत्रीय कार्यालय के पास एकत्रित हुए। इसके बाद नारेबाजी कर रैली निकालते हुए बैंक कर्मचारी मोहन गंज स्थित बीओबी की मुख्य शाखा पहुंचे। वहां प्रदर्शन के बाद एसबीआई की टाउन हॉल शाखा पहुंचे, एचडीएफसी, यस बैंक और आईसीआईसीआई बैंक को बंद कराकर बंधन बैंक होते हुए इलाहाबाद बैंक की गोविंदगंज शाखा पर पहुंचकर प्रदर्शन किया। इस बीच सभा में यूपीबीईयू के जिला मंत्री व यूनाइटेड फोरम के संयोजक अतुल मेहरोत्रा ने कहा कि बैंक कर्मियों का वेतन समझौता विगत नवंबर से लंबित है। बैंकों की ओर से वार्ताकार आईबीए नामक संगठन किसी न किसी बहाने वेतन समझौते को टालने का प्रयास कर रही है। लगभग ढाई साल के लंबे अंतराल में दो प्रतिशत से शुरू करके अभी तक 13.5 प्रतिशत का प्रस्ताव दिया है, जो बैंक कर्मचारियों की अपेक्षा से काफी कम है। उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही सरकार और वित्तमंत्री ने इस ओर ध्यान नहीं दिया तो अगले माह से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।
शाहजहांपुर में हड़ताल के दौरान बंद बैंक ऑफ इंडिया । संवाद- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर में हड़ताल के दौरान प्रदर्शन करते बैंक कर्मचारी । संवाद- फोटो : SHAHJAHANPUR