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बजट 2020ः बजट ऐसा हो कि महीने भर जेब रहे गरम, हर वर्ग के लोगों ने बेबाकी से रखी राय

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अमरीश सक्सेना - फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। केंद्रीय आम बजट से एक बार फिर हर खासो-ओ-आम ने उम्मीदें पाली हैं। विभिन्न वर्गों के लोग सरकार से कुछ ऐसा चाहते हैं, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी में राहत मिल सके। नौकरीपेशा से लेेकर उद्यमी तक आयकर और निवेश सीमा बढ़ाने की बात कर रहा है तो गृहणियां रसोई गैस से लेकर रोजमर्रा की चीजों के दाम कम होने की उम्मीद कर रही हैं। यानि सभी यह चाहते हैं कि आम बजट महंगाई से निजात दिलाने के साथ ही आय के स्त्रोत बढ़ाने वाला हो, जिससे रोजगार के अवसर पैदा हों। लोगों को उम्मीद है कि इस बजट में सरकार सुधारात्मक कदम उठाएगी।
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आयकर सीमा और छूट बढ़ाई जाए
वरिष्ठ चार्टर्ड एकाउंटेंट अमरीश सक्सेना का कहना है कि इस समय जो देश का माहौल चल रहा है, उसे देखते हुए बजट अच्छा आने की पूरी उम्मीद है। सरकार को चाहिए कि वह आयकर पर टैक्स घटाने पर विशेष जोर दे। साथ ही 80 सी के अंतर्गत मिलने वाली छूट भी डेढ़ से बढ़ाकर ढाई लाख की जानी चाहिए, इससे सरकार को भी फायदा होगा। कारपोरेट टैक्स में भी छूट मिलने की उम्मीद है।
रोजमर्रा की चीजें सस्ती होना जरूरी
गृहिणी सरिता चंद्रा कहती हैं कि सबसे पहले तो रसोई गैस के दामों को ही नियंत्रित करना चाहिए। इसके अलावा रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए मंहगाई पर लगाम लगाने का प्रयास हो, शिक्षा सस्ती होनी चाहिए, जिस पर सरकार का जोर भी है। सोना-चांदी के दामों में गिरावट की दरकार है।
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रोजगार की दिशा में काम हो
युवा हर्ष सिंह का कहना है कि सरकार को रोजगार बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाने की जरूरत है। बढ़ती बेरोजगारी से युवा वर्ग कुंठित हो रहा है, इसलिए अपराध भी बढ़ रहे हैं। जब युवाओं को काम मिलने लगेगा तो वह सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाएगा। विदेशी कंपनियों पर भी नियंत्रण रखना होगा, जिससे देश का व्यापार फल-फूल सके।
स्वास्थ्य सेवाओं पर हो काम
शिक्षाविद डॉ. शबाना साजिद कहती हैं कि सरकार को चाहिए कि वह रोजगार की दिशा में कुछ ऐसा प्रयास करे, जिससे बेरोजगारी दूर हो सके। बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य सेवाएं भी सस्ती होनी चाहिए। मेडिकल सुविधाएं बढ़ाकर आमजन की मदद की जा सकती है।
मदरसों को आधुनिक बनाने पर हो काम
इकबाल हुसैन उर्फ फूलमियां कहते हैं कि मदरसा आधुनिकीकरण स्कीम केंद्र सरकार की ही है। इसे और अधिक सशक्त बनाने के लिए प्रयास होना चाहिए। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का सपना भी यही था। मदरसों को और अधिक आधुनिक बनाकर शिक्षकों की दशा में भी सुधार किए जाने की जरूरत है। इसके अलावा महंगाई रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
विकास कार्यों को प्रमोट करे सरकार
अर्थशास्त्री डॉ. रुचि द्विवेदी कहती हैं कि बजट को मंदी से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। क्योंकि उतनी मंदी है नहीं, जितनी बना दी गई है। सरकार का उद्देश्य विकास कार्यों को प्रमोट करने पर होना चाहिए। आयकर में छूट के साथ स्वास्थ्य सेवाओं पर भी ध्यान दिए जाने की बहुत जरूरत है। हालांकि केंद्र सरकार ने आयुष्मान जैसी स्वास्थ्य योजनाएं चलाकर आमजन का भला जरूर किया है, लेकिन अभी यह नाकाफी है।
रियल एस्टेट में छूट मिले
उद्यमी हरगोविंद मोदी कहते हैं कि इस समय देश की इकानॉमी हिली हुई है, इसलिए बजट अच्छा आने की पूरी उम्मीद है, फिर भी सरकार को चाहिए कि वह रियल एस्टेट में छूट बढ़ाकर ब्याज को नियंत्रित करे। यही वह रास्ता है, जो आज के दौर में सबसे सुरक्षित और गारंटी देने वाला व्यवसाय है। सरकार भी सभी को घर देने की बात करती है, इसलिए इस ओर ध्यान देने की जरूरत अधिक है। आयकर छूट भी बढ़े।

सरिता चंद्रा- फोटो : SHAHJAHANPUR

 

हर्ष सिंह ।- फोटो : SHAHJAHANPUR

 

डॉ.शबाना साजिद- फोटो : SHAHJAHANPUR

 

इकबाल हुसैन- फोटो : SHAHJAHANPUR

 

डॉ.रूचि द्विवेदी- फोटो : SHAHJAHANPUR

 

हरगोविंद मोहन मोदी- फोटो : SHAHJAHANPUR

 

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