जलालाबाद में क्षतिग्रस्त बझेड़ा पुलिया से गुजरते वाहन। संवाद
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जलालाबाद। बरेली से फर्रुखाबाद हाईवे पर शुक्रवार रात जलालाबाद से करीब तीन किलोमीटर दूर स्थित बझेड़ा वाली पुलिया की एक साइड रेलिंग की जगह बनी दीवार भरभराकर गिर गई। पहले से ही क्षतिग्रस्त करीब 20 फुट ऊंची यह पुलिया अवागामन के लिहाज से अब और खतरनाक हो गई है। खासकर रात के दौरान वाहन चालक की मामूली लापरवाही भारी पड़ सकती है। पुलिया की इस स्थिति के बाद भी अभी यहां कोई संकेतक नही लगाया गया है।
करीब डेढ़ दशक पहले बिल्हौर से मीरानपुर कटरा तक इस हाईवे के उच्चीकरण व चौड़ीकरण के दौरान पुरानी पुलिया को छोड़कर अन्य सभी पुलिया नई बनाई गईं थीं। डेढ़ दशक में यातायात में काफी इजाफा हुआ, लेकिन पुलिया का पुनर्निर्माण नहीं कराया जा सका। पुलिया के कई बार क्षतिग्रस्त होने पर मामूली मरम्मत करा दी गई। करीब एक साल पहले केंद्र सरकार द्वारा घोषित किए नए राष्ट्रीय राजमार्ग में यह हाईवे भी शामिल था। नए राजमार्ग के तहत इस हाईवे को फोरलेन बनाकर बेवर, मीरानपुर कटरा व खुदागंज होते हुए पीलीभीत जनपद से जोड़ा जाना प्रस्तावित है।
इसके निर्माण में अभी लंबा समय लगने की उम्मीद है, लेकिन राजमार्ग घोषित होने के बाद पीडब्ल्यूडी द्वारा इस हाईवे को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को हस्तांतरित कर दिया गया। इसके बाद से पीडब्ल्यूडी द्वारा इस हाईवे पर मरम्मत कार्य भी कराना बंद कर दिया। जबकि इस पुलिया का निचला हिस्सा कई बार टूट चुका है। एक साइड की दीवार भी नहीं थी। शुक्रवार रात दूसरी साइड की दीवार भी गिर जाने से इस पुलिया से आवागमन काफी खतरनाक हो गया है।
प्रदेश के अलावा राजस्थान व मध्यप्रदेश के विभिन्न शहरों तक पहुंचने के लिए इसी हाईवे से होकर वाहन आते-जाते हैं। खास बात यह है कि पुराने समय मे निर्मित होने के कारण यह पुलिया काफी संकरी है। दोनों साइड दीवार (रेलिंग) न होने से रात में जरा सी लापरवाही किसी बड़े हादसे का सबब बन सकती है।