सीडीओ पुलकित खरे के निर्देश पर जिला ग्राम्य विकास अभिकरण से संबद्धता समाप्त होने के बावजूद वहां का कार्यभार नव नियुक्त सहायक लेखाकार को नहीं देने पर जलालाबाद के सहायक लेखाकार अनूप चतुर्वेदी के खिलाफ विभिन्न आरोपों में एफआईआर दर्ज कराई गई है। डीआरडीए के परियोजना निदेशक अजय प्रकाश ने बताया कि जलालाबाद ब्लॉक कार्यालय में तैनात सहायक लेखाकार चतुर्वेदी को कार्य की अधिकता के कारण चार-पांच वर्ष पूर्व मुख्यालय बुलाकर ग्राम्य विकास अभिकरण से संबद्ध किया गया था। उन्हें विधायक निधि के कामों का पटल दिया गया, लेकिन सहायक लेखाकार की ढिलाई से विधायक निधि के कई कार्य लंबित हो गए। करीब 20 दिन पहले समीक्षा में यह तथ्य सामने आने पर सीडीओ ने चतुर्वेदी को जलालाबाद मूल पद पर स्थानान्तरित कर उनके स्थान पर ददरौल ब्लॉक से सहायक लेखाकार अशफाक हुसैन को डीआरडीए दफ्तर में तैनाती दी थी। सीडीओ खरे ने डीआरडीए के परियोजना निदेशक से प्राप्त आख्या का हवाला देते हुए बताया कि डीआरडीए से हटाए गए चतुर्वेदी ने नव नियुक्त सहायक लेखाकार को चार्ज नहीं सौंपा। उनके विरुद्ध गत कई माह से भ्रष्टाचार और रुपये लेने की शिकायतें मिल रही थीं। इसके साथ ही चतुर्वेदी द्वारा उच्चाधिकारियों से उचित व्यवहार नहीं किया जा रहा है। इन्हीं आरोपों में उनके खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
ग्राम विकास अधिकारी पर लटकी तलवार
विकास खंड बंडा से खुदागंज स्थानांतरित किए गए ग्राम विकास अधिकारी एसके गौतम पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है। सीडीओ खरे ने बताया कि दो सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद गौतम ने अपना कार्यभार हस्तगत नहीं किया जिससे क्षेत्र में तमाम विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सीडीओ के अनुसार बंडा के खंड विकास अधिकारी को गौतम के विरुद्ध एफआईआर कराने के निर्देश दिए हैं।