शाहजहांपुर में आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय भुगतान का विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। आशा कार्यकर्ताओं ने मानदेय के भुगतान में घोटाला करने का आरोप लगाया है। वहीं स्वास्थ्यकर्मियों ने डीएम-एसपी को ज्ञापन देकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
शाहजहांपुर में मानदेय को लेकर हुए विवाद के बाद आशा कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य कर्मी आमने-सामने आ गए हैं। आशाओं की शिकायत पर पुलिस ने चार कर्मचारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। आरोप है कि एक कर्मचारी के साथ मारपीट की गई। इसकी जानकारी मिलने पर सोमवार को सुबह संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने डीएम-एसपी को ज्ञापन देकर निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने ओपीडी सेवाएं ठप करने की चेतावनी दी है।
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दूसरी ओर आशा कार्यकर्ताओं ने खिरनीबाग में धरना देकर घोटाले का आरोप लगाया है। आशा यूनियन की अध्यक्ष कमलजीत कौर ने बताया कि सोमवार को एसपी सिटी से मुलाकात की है। जहां से उन्हें कुछ मानदेय की सूची उपलब्ध कराई है। उन सूचियों से बैंक खातों से मिलान करने के लिए कहा गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि उनके मानदेय के भुगतान में घोटाला किया गया। यहां बता दें कि मानदेय को लेकर अफसरों के सुनवाई नहीं करने पर आशा कार्यकर्ताओं ने वित्त मंत्री सुरेश खन्ना से मुलाकात की थी। उनके निर्देश के बाद अफसरों ने संज्ञान लेते हुए कार्रवाई को शुरू किया था। मंत्री तक शिकायत पहुंचने के बाद एसपी ने आशा कार्यकर्ताओं की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसपी सिटी को जांच सौंपी थी।