शाहजहांपुर। दुष्कर्म के दोषी आसाराम की जमानत को रद्द कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई नहीं हो सकी। केस पर सोमवार को सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट में केस की पैरवी करने वाले अधिवक्ता ने पीड़िता के पिता को दूरभाष पर सूचना दी है।
शाहजहांपुर की रहने वाली बिटिया से दुष्कर्म के दोषी आसाराम ने इलाज का तर्क देकर जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दी थी। उसे न्यायालय से छह महीने की जमानत दे दी गई। उसके जेल से बाहर आने के बाद पीड़िता के परिवार ने खतरे की आशंका जताई। बिटिया के पिता ने जमानत रद्द कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
बिटिया के पिता ने बताया कि आसाराम के गुर्गें कॉल कर उन्हें धमकाते हैं। गुर्गों ने नगर में कई स्थानों पर ठिकाना बना रखा है। उन्हें जान का खतरा है। इसके बाद एसपी राजेश द्विवेदी ने उनकी सुरक्षा की समीक्षा की। सुप्रीम कोर्ट में केस की सुनवाई शुक्रवार को होनी थी लेकिन अब सुनवाई सोमवार को होगी।
सुनवाई को लेकर बिटिया के पिता दिल्ली नहीं गए थे। उनके वकील ने दूरभाष पर सूचना दी। बिटिया के पिता ने बताया कि जरूरत पड़ने पर वकील उन्हें बुलाएंगे। उन्हें न्यायालय पर पूरा भरोसा है। उनके पक्ष में ही फैसला आएगा।