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आसाराम हत्याकांड : दबिश देती रह गई पुलिस...न्यायालय में पेश हो गया हिस्ट्रीशीटर

Fri, 21 Mar 2025 01:04 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
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शाहजहांपुर। जलालाबाद में आसाराम हत्याकांड को अंजाम देने वाले हिस्ट्रीशीटर सुमेर पंडित की गिरफ्तारी के लिए बगैर वर्दी में पुलिस जाल बिछाती रह गई और उसने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। कोर्ट से उसे जेल भेज दिया गया। उसके आत्मसमर्पण करने के बाद पुलिस ने चुप्पी साधते हुए जानकारी से इन्कार होने की बात कही है।
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गांव काजरबोझी निवासी 55 वर्षीय आसाराम कश्यप की उसके दोस्त सुमेर पंडित ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। सात मार्च की रात करीब 11 बजे उसका शव टापर गांव की ओर जाने वाली सड़क किनारे पड़ा मिला था। पुलिस की जांच में सामने आया कि आसाराम की सुमेर पंडित से रंजिश चल रही थी। फिर दोनों में दोस्ती हो गई थी। पुलिस ने सुमेर पंडित व उसके तहेरे भाई कल्लू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की थी।
15 मार्च को गांव अंडपुर में फायरिंग की सूचना पर पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी भाग निकला था। तब से पुलिस लगातार उसकी गिरफ्तारी के लिए जाल बिछा रही थी। पुलिस उसके गांव में निगरानी कर रही थी। बिना वर्दी में पुलिसकर्मी उसकी सुरागरसी कर रहे थे। उसके सरेंडर करने की आशंका के चलते कचहरी के आसपास भी पुलिस नजर रख रही थी। बृहस्पतिवार को उसके घर पर दबिश दी गई थी। पुलिस उसे तलाशती रह गई और हत्यारोपी सुमेर पंडित ने कचहरी पहुंचकर सीजेएम कोर्ट में सरेंडर कर दिया। कोर्ट से उसे जिला कारागार भेज दिया गया। जेल अधीक्षक मिजाजी लाल ने बताया कि सुमेर पंडित नाम का आरोपी जेल में दाखिल किया गया है।
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पुलिस को भनक तक नहीं लगी, अब जवाब देने से बच रहे
-अधिकारियों का दावा था कि सुमेर पंडित की तलाश में पुलिस की कई टीमें काम कर रहीं हैं। पुलिस ने उसके छोटे भाई और कई रिश्तेदारों को हिरासत में लिया था, लेकिन मुख्य आरोपी को पकड़ नहीं पाई। बृहस्पतिवार को आरोपी ने आसानी से न्यायालय में समर्पण कर दिया और पुलिस को भनक तक नहीं लगी। किरकिरी होने के बाद जलालाबाद की प्रभारी सीओ से लेकर थाना पुलिस तक स्पष्ट जवाब नहीं दे सके।
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