विधानसभा चुनाव निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से कराने को लेकर लाइसेंसी असलाह जमा कराने की कवायद के बीच पुलिस ने विभिन्न मुकदमों में वांछित अभियुक्तों के नाम दर्ज शस्त्र लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई शुरू कर दी है। विभिन्न थानों से 29 लाइसेंस निलंबन की रिपोर्ट तैयार कर डीएम को भेजी गई है। एसपी सिटी कमल किशोर ने बताया कि चुनाव अचार संहिता के अनुपालन में असलाह जमा कराने की कार्रवाई के बीच जब असलाहधारकों की हिस्ट्री का आंकलन किया गया तो तमाम ऐसे लोगों के नाम भी सामने आए जो मुकदमों में वांछित हैं और उनके खिलाफ आरोप भी तय हो चुके हैं। ऐसे लोगों के शस्त्र लाइसेंस निलंबित कराने की रिपोर्ट थाना और सर्किल वार तैयार कर ली गई है। उन्होंने बताया कि चुनाव में किसी भी तरह का खलल न पड़े, इसके लिए असलाह शत-प्रतिशत जमा कराने की कार्रवाई एक अभियान के तौर पर चल रही है। इसमें से अब तक 10 हजार असलाह जमा हो चुके हैं। वांछित अपराधी लाइसेंसी असलाह का कभी भी दुरुपयोग कर सकते हैं, इसलिए इन लोगों के पास असलाह नहीं रहने चाहिए। उन्होंने बताया कि 29 शस्त्र लाइसेंस निलंबित किए जाने की संस्तुति रिपोर्ट को डीएम के पास भेजा जा रहा है। एसपी सिटी ने बताया कि जिले में कुल 40 हजार 59 शस्त्र लाइसेंस हैं। जिन्हें शत-प्रशित जमा कराया जाएगा। ताकि विधानसभा चुनाव में खलल न पड़े।
सदर क्षेत्र के सर्वाधिक लाइसेंस निलंबित होंगे
शस्त्र लाइसेंस पाने वालों की श्रेणी में सदर तहसील पहले नंबर पर और पुवायां तहसील दूसरे नंबर पर गिनी जाती है, तो यहां इसके दुरुपयोग की संभावनाएं भी उतनी ही है। शस्त्र निलंबन की जो रिपोर्ट तैयार की गई है। उसमें सदर सर्किल क्षेत्र की कोतवाली में दो, कांट, आरसी मिशन में एक-एक, सेहरामऊ दक्षिणी में पांच, मदनापुर में छह और पुवायां सर्किल के दस और तिलहर सर्किल के चार व जलालाबाद से एक लाइसेंस निलंबित करने की रिपोर्ट तैयार की गई है।