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प्रदूषण के खिलाफ छात्राओं का संकल्प, पॉलिथीन का नहीं करेंगे प्रयोग

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शाहजहांपुर। अमर उजाला का अपराजिता 100 मिलियन स्माइल अभियान के तहत बुधवार को गुरुनानक पाठशाला कन्या हाईस्कूल में पर्यावरण विषय पर कार्यक्रम हुआ। इसमें प्रबंधक और प्रधानाचार्य ने छात्राओं को पर्यावरण के प्रति जागरूक किया। साथ ही छात्राओं को साफ सफाई रखने और पॉलिथीन का प्रयोग न करने की शपथ दिलाई गई।
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शुभारंभ स्कूल प्रबंधक गुरप्रकाश सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण प्रदूषण से मनुष्य ही नहीं, पशु-पक्षियों का जीवन भी प्रभावित हो रहा है। स्वच्छ हवा में सांस लेने का अधिकार सभी को है, लेकिन वायु प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण और जल प्रदूषण इतना बढ़ चुका है कि वर्तमान समय में किसी का भी जीवन सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा कि दिवाली के बाद से आसमान छाई धुंध भी इस बात का ताजा उदाहरण है। आतिशबाजी से हुए वायु प्रदूषण से महानगरों में सांस लेना दूभर हो रहा है। वायु प्रदूषण से तमाम प्रकार की बीमारियां लोगों में हो रही हैं।
प्रबंधक गुरप्रकाश ने कहा कि प्रदूषण से बचने का एक मात्र उपाय है जागरूकता। बिना जागरूकता के हम अपने कर्तव्यों को नहीं जान सकते। इसलिए हमारा दायित्व बनता है कि पॉलीथिन खासतौर पर सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग से बचें और पेड़-पौधों को अधिक से अधिक संरक्षण दें। नई पौध भी रोपित करें। तभी पृथ्वी पर जीवन सुरक्षित रखने हम कुछ मदद कर सकते हैं।
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प्रधानाचार्य हरमीत कौर ने छात्राओं को स्वच्छता का महत्व समझाया और पर्यावरण प्रदूषण शुद्ध रखने की दिशा में काम करने की शपथ दिलाई। इस अवसर पर रमा यादव, कंचन मिश्रा, पूनम शर्मा, पूजा वर्मा, परविंदर कौर, मीना शुक्ला, शुचिता, पूर्णिमा, ललिता, संध्या, पूजा आदि स्टाफ मौजूद रहा।
छात्रा अदिति मिश्रा का कहना है कि वायु, जल और ध्वनि प्रदूषण से आंख, कान, सांस और त्वचा संबंधी बीमारियां फैलती हैं, इसलिए हम सभी को मिलकर समाज में जागरूकता फैलानी चाहिए, जिससे सभी स्वस्थ रह सकें। सबसे पहले हमें प्लास्टिक का उपयोग बंद करना होगा।
छात्रा शिवानी राठौर ने कहा कि वायु प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण पर लगाम कसने के लिए सबसे पहले वाहनों के खिलाफ अभियान चलाए जाने की जरूरत है। अधिक धुआं और तेज आवाज वाले वाहनों को प्रतिबंधित किया जाना ही उचित होगा। लोगों में जागरूकता बढ़नी चाहिए।
छात्रा कृष्णा का मानना है जहरीली गैसों को रोकने के लिए ठोस और कड़े कदम उठाए जाने की जरूरत है। इसके लिए फैक्ट्रियों से निकलने वाले धुएं के लिए ऊंची चिमनी लगवानी चाहिए। साथ ही फैक्ट्रियों के आसपास अभियान चलाकर पौध रोपित करने की जरूरत है।
छात्रा फरहा भी सिंगल यूज प्लास्टिक और पॉलीथिन को पर्यावरण का दुश्मन मानती हैं। उनका कहना है कि स्वच्छता अभियान के साथ प्लास्टिक उत्पाद और पॉलीथिन बेचने वालों के खिलाफ सख्ती से पेश आना चाहिए। साथ ही पॉलीथिन बनाने वाली कंपनियां भी बंद की जाएं।
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