जलालाबाद (शाहजहांपुर)। गंगा एक्सप्रेसवे पर सोमवार को देर रात चैनल नंबर 250 के पास अचानक सामने आए छुट्टा पशु को बचाने के फेर में अनियंत्रित हुई कार पलटकर काफी दूर तक घिसटती चली गई। हादसे में चार लोग घायल हो गए। इनमें से दो लोगों की हालत गंभीर होने पर सीएचसी पर प्राथमिक उपचार देने के बाद राजकीय मेडिकल काॅलेज रेफर किया गया। बीते 24 घंटे के दौरान छुट्टा पशुओं से दूसरा हादसा होने से एक्सप्रेसवे पर सुरक्षित सफर को लेकर किए जा रहे दावों की एक बार फिर पोल खुल गई है।
कार में सवार लोग नोएडा से बनारस अपने दिवंगत परिजनों का पिंडदान करने जा रहे थे। कार हरियाणा के जनपद हिसार के गांव दौलतपुर बबराला निवासी हर्ष लांबा चला रहे थे। रात करीब साढ़े 12 बजे यह हादसा होने पर उसमें सवार नोएडा के सेक्टर 29 निवासी मनीष और वहीं के रहने वाले कर्मकांडी पं. रुद्रदत्त शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए जबकि दिल्ली के फतेहपुर बेरी निवासी चेतन और हर्ष को मामूली चोटें आईं। सीओ दीपक सिंह ने बताया कि सूचना पाकर पुलिस टीम ने मौके पर जाकर सभी घायलों को सीएचसी पहुंचाया। वहां से मनीष और रुद्रदत्त को राजकीय मेडिकल काॅलेज रेफर कर दिया गया।
इससे पहले रविवार को देर रात करीब दो बजे गाजियाबाद से लखनऊ जा रही कार एक्सप्रेसवे के चैनल नंबर 187 के पास अचानक सामने आए सांड़ से टकरा गई थी। हादसे में कार क्षतिग्रस्त होने के साथ ही उसमें सवार लखनऊ निवासी डॉ. जया तिवारी और उनके पति रजत तिवारी गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
बाद में दंपती को इलाज के लिए सीएचसी से राजकीय मेडिकल काॅलेज रेफर किया गया था। छुट्टा पशुओं से बार-बार हो हादसों के कारण एक्सप्रेसवे पर चलने वाले वाहन सवारों की सुरक्षा को लेकर किए जा रहे दावे फिर सतही साबित हो गए हैं।
रिटेनिंग वाल की मरम्मत में ढिलाई बन रही हादसों की वजह
जलालाबाद। गंगा एक्सप्रेसवे पर घूमने वाले छुट्टा पशुओं से हो रहे हादसों की वजह बारिश में क्षतिग्रस्त हुई रिटेनिंग वाल की मरम्मत में लापरवाही मानी जा रही है। रिटेनिंग वाल के क्षतिग्रस्त हिस्सों से छुट्टा पशु आसानी से एक्सप्रेसवे तक पहुंच जाते हैं, लेकिन जिम्मेदार इस ओर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रहे हैं।
छुट्टा पशुओं के एक्सप्रेसवे पर पहुंचने की शिकायत मिलने पर गत 11 अगस्त को एडीएम प्रशासन रजनीश मिश्रा ने यूपीडा और स्थानीय अधिकारियों के साथ मौके का जायजा लिया था। उस दौरान हादसों की यही वजह सामने आई थी। बाद में एडीएम ने एक्सप्रेसवे की सुरक्षा के लिए बनाई गई रिटेनिंग वाल के क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत कराने और कुछ स्थानों पर दीवार की ऊंचाई बढ़ाने के निर्देश दिए थे। इसके साथ ही उन्होंने आसपास के गांवों में प्रधान पर ग्रामीणों के साथ बैठक कर पशुओं को एक्सप्रेसवे के आसपास खुला नहीं छोड़ने की अपील की थी।
24 घंटों में दूसरा हादसा होने के बाद भी मंगलवार को एक्सप्रेसवे के किनारे गांव ढका से नगरिया के बीच करीब दो किमी के दायरे में तीन स्थानों पर भारी बारिश से रिटेनिंग वाल टूटी मिली। उसकी मरम्मत का काम शुरू नहीं होने से फिर कभी कोई हादसा हो सकता है। संवाद
यूपीडा के अधिकारियों को निर्देश गए हैं कि रिटेनिंग वॉल मजबूती से बनवाएं। छुट्टा पशुओं से एक्सप्रेसवे पर होने वाले हादसों पर लगाम लगाने के निर्देश दिए गए हैं। जहां वॉल टूटी है, वहां जल्द बनवाई जाएगी।
- रजनीश कुमार मिश्र, एडीएम प्रशासन
जलालाबाद के गांव नगरिया के पास गंगा एक्सप्रेस वे की टूटी रिटेनिंग वॉल। संवाद
जलालाबाद के गांव नगरिया के पास गंगा एक्सप्रेस वे की टूटी रिटेनिंग वॉल। संवाद