उन्होंने बताया कि एंबुलेंस शाम 4:30 बजे से 6:30 बजे तक जाम में फंसी थी।वहां से निकलने के बाद वे लोग पांच किलोमीटर दूर लोहिया अस्पताल में करीब सात बजे पहुंचे, जहां डॉक्टर ने बहन को मृत घोषित कर दिया। दुर्घटना में घायल देवेश की हालत गंभीर होने पर रेफर कर दिया। परिजन निजी अस्पताल में उसका इलाज करा रहे हैं। मोपेड चला रहे अमन का लोहिया अस्पताल में इलाज चल रहा है।
समय से इलाज मिल जाता तो बच सकती थी जान
उपासना ने बताया कि बहन चंद्रकली की चीखें एंबुलेंस के बाहर तक सुनाई दे रही थीं। अस्पताल लाने पर मृत घोषित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि यदि समय से इलाज मिल जाता, तो बहन की जान बचाई जा सकती थी।