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अक्षय तृतीया पर 50 साल बाद ग्रहों का अद्भुत संयोग

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अरुण कुमार शुक्ला, पुजारी, दुर्गा माता मंदिर, मंडी चौक - फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। अक्षय तृतीय इस बार तीन मई को रोहिणी नक्षत्र के शोभन योग में मनाई जाएगी। शुभ योग में अक्षय तृतीया मनाने का यह संयोग 50 साल बाद बना है। इस दिन ग्रहों की विशेष स्थिति भी बन रही है। इसी दिन भगवान परशुराम जयंती भी मनाई जाती है।
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ऐसी मान्यता है कि अक्षय तृतीया के दिन जल से भरे कलश पर फल रखकर दान करने से शुभता की प्राप्ति होती है। साथ ही अक्षय तृतीया के दिन अबूझ मुहूर्त में किसी भी तरह के मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं। अक्षय तृतीया रोहिणी नक्षत्र, शोभन योग, तैतिल करण और वृषभ राशि के चंद्रमा के साथ आ रही है। इस दिन मंगलवार और रोहिणी नक्षत्र होने से मंगल रोहिणी योग का निर्माण हो रहा है। अक्षय तृतीया पर चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ व शुक्र अपनी उच्च राशि मीन में रहेंगे। इसके अलावा शनि अपनी स्वराशि कुंभ और गुरु ग्रह अपनी स्वराशि मीन में विराजमान रहेंगे। चार ग्रहों की स्थिति से अक्षय तृतीया पर शुभ संयोग बन रहा है। अक्षय तृतीया के दिन दान करने से सुख-संपत्ति में बढ़ोतरी होती है।
रोहिणी नक्षत्र के शोभन योग में जाएगी अक्षय तृतीया
चौक मंडी स्थित दुर्गा माता मंदिर के पुजारी अरुण कुमार शुक्ला ने बताया कि इस साल अक्षय तृतीया मंगल रोहिणी नक्षत्र केशोभन योग में मनाई जाएगी। ग्रहों का ऐसा शुभ संयोग करीब 50 साल बाद बन रहा है। ज्योतिष गणना के अनुसार, वैशाख शुक्ल तृतीया पर करीब 50 साल बाद दो ग्रह उच्च राशि में विराजमान होंगे। जबकि दो ग्रह अपनी स्वराशि में मौजूद होंगे। शुभ योग व ग्रहों की स्थिति के कारण अक्षय तृतीया पर स्नान व दान करने से पुण्य की प्राप्ति होगी।
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अक्षय तृतीया शुभ मुहूर्त
अक्षय तृतीया तिथि आरंभ- 3 मई सुबह 5:18 बजे।
अक्षय तृतीया तिथि समापन- 4 मई सुबह 7:32 बजे तक।
रोहिणी नक्षत्र- 3 मई 12:34 बजे से 4 मई सुबह 3:18 बजे तक होगा।
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