यहां से नाला-नाली ही नहीं गलियां भी गायब
शहर में किसी बाजार और व्यस्ततम इलाके में निकल जाइए, अधिकतर स्थानों पर नाले-नाली और कुछ स्थानों पर तो गलियां तक खोजने पर शायद ही मिलें। हां, कागजों में इनका अस्तित्व है लेकिन हकीकत में ये मौके से गायब हैं। निकायों के अधिकारी आंख कान बंद किए बैठे रहे अवैध कब्जे होते रहे। स्टेशन से शुरू कर डीएम बंगले को जाने वाले मार्ग हो या फिर टाउनहाल की तरफ जान वाला रास्ता, सभी नाले-नालियों और यहां तक कि रास्तों पर भी कब्जा करके दुकान आदि बना लिए गए हैं। मोहल्ला जलालनगर, निशात चौराहा, बहादुरगंज पचराहा, गोविंदगंज आदि का भी यही हाल है। जिले की कमान संभालने के चंद दिनों के भीतर डीएम ने शहर के इस हाल को परख लिया। शुक्रवार को जब डीएम विजय किरन आनंद ने नगर पालिका समेत जिले के सभी निकायों की बैठक लेकर अधिकारियों को अवैध कब्जे होने पर फटकारा तो अधिकारी नींद से जागे। डीएम ने अवैध कब्जेदारों के खिलाफ चालान काटते हुए कार्रवाई करने के निर्देश दिए। हालांकि अभी अवैध कब्जे हटाने की मुकम्मल योजना नहीं बनी है लेकिन नगर पालिका के अधिकारियों का कहना है कि अतिक्रमण और अवैध कब्जों का सर्वे शुरू कराया जा रहा है।
यह है हाल
गोविंदगंज बाजार में दुकानों और मकानों के चबूतरे सड़क की ओर इतने बढ़े हैं कि यहां से गुजरने वाला नाला ही ओझल हो गया है। नाले है इसका प्रमाम इस बाजार में क्रिश्चियन गर्ल्स हाईस्कूल के गेट पर ही दिख पाता है। सदर बाजार में बहादुरगंज की ओर बढ़ने पर नाले नालियां दुकानों के चबूतरे में खो चुकी हैं। एक पुरानी हवेली के पास खुला हिस्सा बताता है कि यहां नाला हुआ करता था। बहादुरगंज पचराहा-निशात तिराहा मार्ग पर कुछ ही हिस्से में नाला है। उसके आगे और पीछे का हिस्सा गायब हो चुका है और वहां बाजार और दुकानें लगती हैं। तारीन टिकली से लाल इमली चौराहे को जाने वाले मार्ग की नाली मकान-दुकान के चबूतरों में समा गई है। एक छोर पर तो नाली का नामोनिशान ही नहीं है। स्टेशन मार्ग पर तो बाईं ओर के नाले को पाटकर उस पर ही पक्की दुकानें बना ली गई हैं। शाहजहांपुर-निगोही मार्ग पर जलालनगर में कुछ दूर तक तो नाला है लेकिन उसके बाद पुलिया के दूसरी तरफ से उसे पाटकर दुकानें इतनी बढ़ा ली गई हैं कि अब नाला दिखता नहीं है। टाउनहाल से रेलवे ओवरब्रिज होकर रोडवेज-कचहरी मार्ग वाले तिराहे पर सरकारी नाले और साइड लेन दोनों पर कब्जा कर होटल और अन्य दुकानें बना ली गई हैं। जबकि यहां से रेलवे लाइन साइड लेन और नाली है।