खुटार। मारपीट के मामले में मेडिकल में गड़बड़ी करने के आरोप में सोमवार को पीड़ित परिवार के लोग सीएचसी में धरने पर बैठ गए।उन्होंने डॉक्टर पर अभद्रता करने और दूसरे पक्ष से मिलीभगत कर कम चोटें रिपोर्ट में दर्शाने का आरोप लगाया है।
गांव रामपुर कलां निवासी रामगोपाल और उनके भाई रामकुमार आदि के बीच जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। रामगोपाल के पुत्र बबलू ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि 26 अक्तूबर की शाम दूसरे पक्ष के सोनपाल, वीरेंद्र, सुभाष, मुनेश बाबू, रामकुमार, शिवकुमार, शैलेंद्र, अंकित, राकेश तमंचा, धारदार हथियार और लाठी आदि लेकर उनके घर में घुस आए थे और उनके साथ ही पत्नी मधु, परिवार की सोनी देवी, अजय, रामगोपाल, नैतिक, डॉली पर जानलेवा हमला कर गंभीर घायल कर दिया था।
घायलों का सीएचसी पर मेडिकल कराने के बाद एक्सरे आदि के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था। बबलू सहित परिवार के सभी सदस्य सोमवार दोपहर बाद सीएचसी पर धरने पर बैठ गए। बब्लू का आरोप है कि उनकी पत्नी मधु के दोनों हाथ की हड्डी टूटी है, लेकिन डॉक्टर ने एक हाथ में चोट दिखाई। दूसरे हाथ में धारदार हथियार का भी जख्म है, लेकिन मेडिकल में इसका भी उल्लेख नहीं है। बबलू ने कहा कि डॉक्टर ने उनका मेडिकल ही नहीं किया और अभद्र व्यवहार किया।
राजकीय मेडिकल कॉलेज जाने पर खुटार सीएचसी पर मेडिकल में कम चोटें दिखाने की जानकारी मिली है। इस कारण वे लोग धरने पर बैठे हैं।
पुलिस फिर से लिखकर दे, तब होगा मेडिकल
खुटार सीएचसी के अधीक्षक डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि सभी घायल एक साथ आए थे। स्टाफ नर्स ने चोटों का मुआयना किया था। इसी आधार पर मेडिकल रिपोर्ट बनाई गई थी। यदि शरीर मे अन्य जगह भी चोटें लगी हैं तो बबलू और उनके परिजन पुलिस से मेडिकल के लिए दूसरा पत्र ले आएं, फिर से मेडिकल कर दिया जाएगा। बिना पुलिस के पत्र के मेडिकल हो पाना संभव नहीं है। फिलहाल, अभी वह लखनऊ में हैं। देर रात तक सीएचसी पहुंचेंगे। मामले का निस्तारण कराया जाएगा।
पुलिस को सीएचसी भेजकर जानकारी कराई जाएगी। समस्या का समाधान कराया जाएगा।
पंकज पंत, सीओ पुवायां