फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मकसूदापुर के बाद रविवार से रोजा चीनी मिल में बंद हुई पेराई

विज्ञापन
विज्ञापन
शाहजहांपुर। चालू पेराई सत्र में जिले की चीनी मिलें अधिकांश गन्ने की पेराई करने के बाद अब बंदी की ओर बढ़ रही हैं। बजाज ग्रुप की मकसूदापुर चीनी मिल अपने क्षेत्र का पूरा गन्ना पेरने के बाद 17 अप्रैल को बंद हो चुकी है। बिरला गुप की अवध शुगर वर्क्स (रोजा चीनी मिल) दो दिन पहले खरीदा गया करीब तीन हजार क्विंटल गन्ना पेरने के बाद रविवार को बंद हो गई। वहीं, तिलहर की सहकारी चीनी मिल ने अपने क्षेत्र का सारा गन्ना खरीदने के बाद सोमवार को मिल गेट पर पर्ची फ्री तोल शुरू कर दी है और यह मिल मंगलवार तक बंद हो जाएगी। अभी डालमिया ग्रुप की निगोही मिल और पुवायां की सहकारी चीनी मिल के पास लगभग 10 लाख क्विंटल गन्ना शेष बचा है और ये दोनों मिलें 15 से 20 मई तक बंद होने के आसार हैं।
विज्ञापन

बता देें कि पांचों मिलों को चालू पेराई सत्र 2019-20 में 92 हजार हेक्टेयर मेें बोए गए करीब 425.20 लाख क्विंटल गन्ना की पेराई करने का लक्ष्य दिया गया था। रोजा मिल प्रबंधन ने अपने क्षेत्र में गन्ना की कमी होने पर बीते माह कई बाहरी केंद्र बंद कर मिल गेट पर तोल शुरू कराई थी। खरीदे गए गन्ना का स्टॉक खत्म होने पर मिल बीते शनिवार को बंदी के कगार पर पहुंच गई थी। हालांकि, बाद में कुछ ट्रॉलियों से मिल गेट पर तीन हजार क्विंटल गन्ना पहुंचा जो रविवार सुबह तक पेर लिया गया। इस मिल ने पिछले पेराई सत्र में 71.45 लाख क्विंटल गन्ना पेरा था, लेकिन चालू सत्र में 30,549 किसानों से 74.33 लाख क्विंटल गन्ना खरीदा जो बीते सत्र की तुलना में 2.88 लाख क्विंटल अधिक है। तिलहर सहकारी मिल ने गत सत्र मेें 33.37 लाख क्विंटल गन्ना पेराई की जबकि इस वर्ष अभी तक 37.13 लाख क्विंटल गन्ना पेर चुकी है। बजाज ग्रुप की मकसूदापुर मिल ने 14 नवंबर 2019 से गन्ना पेराई शुरू की थी। 17 अप्रैल को पेराई बंद होने तक यह मिल 32,597 किसानों का 85.18 लाख क्विंटल गन्ना पेरकर 10.14 लाख क्विंटल चीनी बना चुकी थी।
तिलहर मिल में मंगलवार तक और निगोही मिल में दस मई तक पेराई कार्य पूरा होने की उम्मीद है। पुवायां मिल मेें पेराई 20 मई को बंद होगी क्योंकि चालू पेराई सत्र मेें यह मिल तकनीकी खराबी से बीच मेें कई बार बंद हुई। निगोही और पुवायां मिल क्षेत्र में अभी दस लाख क्विंटल गन्ना होने का अनुमान है। जिले की पांचों मिलों में गत सत्र में 354.60 लाख क्विंटल पेराई हुई जबकि इस वर्ष अभी तक 359.66 लाख क्विंटल गन्ना पेरा जा चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन

- डॉ. खुशीराम भार्गव, जिला गन्ना अधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें