शाहजहांपुर। मुमुक्षु आश्रम में चल रहे महोत्सव-2022 के तहत कवि सम्मेलन के साथ समापन हो गया। बृहस्पतिवार रात को आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में श्रोताओं ने कविताओं का आनंद लिया। कवि सम्मेलन की शुरुआत कवयित्री डॉ. अनामिका जैन अंबर ने मां शारदे की वंदना से की। इसके बाद उन्होंने एक के बाद एक अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। कवियों ने श्रोताओं को खूब गुदगुदाया और झकझोरा। लोगों की फरमाइश पर उन्होंने अपनी बहुचर्चित रचना ‘यूपी में बाबा हैं...’ पर खूब तालियां बटोरीं।
उन्होंने यूक्रेन संकट के मसले पर सुनाया... ‘रक्त में शौर्य भोले दिलों का है जरा हटके भारत हमारा। गर्व है हमको इस बात पर के हम हैं भारत के भारत हमारा। दोस्त तो दोस्त होते ही हैं पर, दुश्मनों को भी ये भरोसा, जब जरूरत पड़ेगी तो देगा साथ भी डट के भारत हमारा।’ मुरादनगर से आए कवि डॉ. प्रतीक गुप्ता ने सुनाया- ‘देश के लिए ही मर मिट जाना आसान नहीं होता, मन की बात मन से सुनाना आसान नहीं होता। स्वामी हूं मैं भी यह कहना आसान बहुत है, पर स्वामी चिन्मयानंद बनकर दिखाना आसान नहीं होता।’
संचालन करते हुए मेरठ से आए कवि सौरभ जैन सुमन ने सुनाया- ‘अवधपुरी में भरे सदियों के घाव हैं, मथुरा और काशी अगले पड़ाव हैं।’ दिल्ली से आए कवि विनोद पाल ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को खूब गुदगुदाया। हंसाया। कहा.‘आपके लिए चंद कतरे लहू के लाया हूं। मुरझा गया हूं पर फूल खुशबू के लाया हूं। और आपको तालियां बजानी ही होंगी, मैं घर से पत्नी के पैर छू के आया हूं।’ नोएडा से आईं माधुरी मुस्कान शर्मा, आरंभिक संचालन के बाद कवि डॉ. इंदु अजनबी ने भी काव्य पाठ किया।
इससे पहले कवि सम्मेलन का शुभारंभ स्वामी हरिहरानंद व समस्त कवियों ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप जलाकर किया। सभी रचनाकारों का शॉल ओढ़ाकर और माल्यार्पण कर अभिनंदन किया गया। मुमुक्षु शिक्षा संकुल के अधिष्ठाता चिन्मयानंद, स्वामी अभेदानंद, स्वामी धर्मात्मानंद, अनंत सर्वेश्वरानंद, कॉलेज सचिव डॉ. अवनीश मिश्रा, प्राचार्य डॉ. अनुराग अग्रवाल, अशोक अग्रवाल, डॉ. कविता भटनागर, बरखा सक्सेना, सचिन खन्ना, डॉ. रवि मोहन, डॉ. संगीता मोहन, रामचंद्र सिंघल, सुरेश सिंघल आदि मौजूद रहे।
एसएस कॉलेज में आयोजित कवि सम्मेलन में रचना प्रस्तुत करते हुए कवियित्री अनामिका जैन अंबर । संवाद- फोटो : SHAHJAHANPUR