शाहजहांपुर। लखनऊ-दिल्ली नेशनल हाईवे-30 पर अब वाहन चालकों की हर गतिविधि कैमरों की नजर में रहेगी। एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (एटीएमएस) के तहत बरेली सीमा पर बहगुल नदी के पुल से लखीमपुर खीरी के उचौलिया तक करीब 50 किलोमीटर के हिस्से में हर एक किलोमीटर पर एआई आधारित हाई रिजॉल्यूशन कैमरे लगाए जा रहे हैं। ओवरस्पीड, गलत साइड में ड्राइविंग, दुर्घटना या हाईवे पर वाहन रुकने की स्थिति कैमरे खुद पहचानेंगे और कंट्रोल सेंटर में तत्काल अलर्ट मिलेगा।
करीब 50 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। केबल डालने और पिलर लगाने का काम पूरा होने के बाद अब कैमरों को लगाया जा रहा है। दिसंबर से पहले काम पूरा करने का लक्ष्य है। मैगलगंज और फरीदपुर टोल प्लाजा पर इसके कंट्रोल सेंटर बनाए जाएंगे। नेशनल हाईवेज इन्फ्रा ट्रस्ट (एनएचआईटी) इसकी देखरेख करेगी।
एटीएमएस के तहत लगाए जा रहे कैमरों में एआई तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। किसी वाहन के तेज गति से चलने, गलत दिशा में आने या दुर्घटना होने पर कंट्रोल रूम में तत्काल अलर्ट मिलेगा। इसके बाद एनएचएआई की मोबाइल टीम मौके पर पहुंचकर कार्रवाई और राहत कार्य करेगी।
सिस्टम में वीडियो इंसिडेंट डिटेक्शन एंड एनफोर्समेंट सिस्टम, वैरिएबल मेसेज साइन बोर्ड और स्पीड डिस्प्ले बोर्ड भी शामिल होंगे। वाहन चालकों को मौसम, जाम और सुरक्षा संबंधी संदेशों की जानकारी मिल सकेगी। यातायात नियमों के उल्लंघन की रिकॉर्डिंग के आधार पर ई-चालान की व्यवस्था भी सिस्टम से जुड़ी होगी। (संवाद)
तीन स्थानों पर बनेंगे अंडरपास
हाईवे पर तिलहर के बख्शी तिराहा, नगरिया मोड़ और उचौलिया के पास नए अंडरपास बनाए जाएंगे। इन स्थानों पर ही हाईवे पार करने के दौरान वाहनों की आवाजाही और स्थानीय यातायात के कारण अक्सर हादसे होते हैं। स्थानीय लोगों की सुरक्षित आवाजाही और दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए अंडरपास बनाए जाने की योजना है। तीनों अंडरपास के निर्माण पर 100 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है। इसके लिए निविदा प्रक्रिया चल रही है।
एटीएमएस का काम तेजी से चल रहा है और दिसंबर से पहले इसे पूरा करने का लक्ष्य है। तीन स्थानों पर हादसों को देखते हुए अंडरपास बनाए जाएंगे। इससे हाईवे पर यातायात सुरक्षित होने के साथ स्थानीय लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।
-अभय भूषण, पीडी, एनएचएआई