जैतीपुर। क्षेत्र में 146 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जिसमें दस केंद्र मिनी और 136 केंद्र विभाग की सभी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए खोले गए हैं। इनमें भी 11 आंगनबाड़ी केंद्रों पर कार्यकर्ता की नियुक्ति नहीं होने से उनके पद रिक्त चल रहे हैं। इसी तरह नौ मिनी केंद्र संचालित हो रहे हैं। क्योंकि एक केंद्र पर कोई कर्मचारी नियुक्त नहीं है। अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्रों पर कार्यकर्ता व सहायिकाएं सिर्फ राशन बाटने के लिए केंद्र खोल रही हैं। बाकी दिनों में केंद्र ज्यादातर बंद रहते हैं, लेकिन अधिकारी उन्हें नजरंदाज कर रहे हैं।
कई केंद्रों पर लटके मिले ताले
गांव वंडिया खुर्द के प्राथमिक विद्यालय में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र बंद मिला। ग्रामीणों से जानकारी करने पर पता चला कि यह केंद्र कभी नहीं खुलता। बिहारीपुर गांव के प्राथमिक स्कूल में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र पर भी दोपहर 12 बजे ताला पड़ा मिला। इससे पहले शंकरपुर पिटरहाई गांव के स्कूल में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र का जायजा लेने पर वहां भी ताला लटका मिला।
भगवानपुर केंद्र पर कम मिले बच्चे
भगवानपुर प्राथमिक विद्यालय में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र दो में कार्यकर्ता मीना मिश्रा बच्चों को पढ़ाती मिलीं। पूछने पर बताया कि उनके यहां 74 बच्चे दर्ज हैं, लेकिन आए सिर्फ 14 बच्चे। इसी गांव के केंद्र संख्या एक में कार्यकर्ता कविता सिंह ने बताया कि उनके केंद्र की बिल्डिंग जर्जर हो चुकी है। मरम्मत के लिए कई बार लिखा जा चुका है। क्षेत्र के आलमपुर खमरिया, घेरा नौवत्तिया, मरुआझाला, महमूदापुर, कुनिया आदि गांवों के आंगनबाड़ी केंद्र दिखावी बने हैैं।
दर्ज लाभार्थियों के अनुसार नहीं मिलता राशन
क्षेत्र के सुरजूपुर गांव में दो आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। वहां की आंगनबाड़ी कार्यकत्री विजयलक्ष्मी और कुसुम देवी ने बताया कि उनके यहां अगस्त माह का ड्राई राशन नहीं दिया गया। इसके चलते पात्र लाभार्थी वंचित रह गए। उन्होंने कई बार शिकायत भी की, लेकिन समस्या बरकरार है। उनका कहना है कि उनके यहां दर्ज लाभार्थियों की संख्या के अनुपात में राशन नहीं दिए जाने से वितरण में बहुत समस्या होती है। कई बार तो ग्रामीणों से झगड़ा होने की नौबत बन जाती है। विजयलक्ष्मी के अनुसार बीते माह वितरण के समय पुलिस बुलानी पड़ी।
जैतीपुर ब्लॉक में केंद्रों की स्थिति
आंगनबाड़ी केंद्र 136
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता 125
सहायिका 40
मिनी आगनबाड़ी केंद्र 10
ग्रामीणों की बात
आंगनबाड़ी केंद्र नहीं खुलता है न ही यहां कार्यकर्ता आती हैं। मेरा घर केंद्र के सामने है, न ही किसी लाभार्थी को खाद्यान्न दिया जाता है।
-रमन पाल, बिहारीपुर
हमारे यहां आंगनबाड़ी केंद्र पर कोई चीज वितरण नहीं की जाती ना हमको कभी मिली ना हमारे आंगनबाड़ी केंद्र खुलता है।
-माया देवी, बिहारीपुर
जर्जर हो चुके केंद्र के भवनों का निर्माण कराने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखे जा चुके हैं। केंद्रों का निरीक्षण भी किया जाता है। कोरोना काल से आंगनबाड़ी केंद्र बंद थे। सोमवार और बृहस्पतिवार को केंद्र खोलने के आदेश हुए हैं। जिन केंद्रों पर बच्चों की संख्या के अनुपात में राशन कम पहुंच रहा है, वहां के तमाम बच्चों का डाटा अभी विभागीय एप पर फीड होना शेष है। यदि कहीं व्यवस्था सही नहीं है तो वहां सुधार कराया जाएगा।
-मालती साहनी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, जैतीपुर