फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बादल छंटने के बाद निकली धूप, पछुआ के थपेड़ों ने फिर बढ़ाई सर्दी

विज्ञापन
शाहजहांपुर में बुधवार को सुबह बादल छंटने के बाद धूप सेंकते बुजुर्ग ग्रामीण। संवाद - फोटो : SHAHJAHANPUR
विज्ञापन
शाहजहांपुर। वायुदाब सामान्य से कम होने के कारण मंगलवार रात से छाए बादल सुबह तक घने हो गए। दिन में नौ बजे के बाद तक धूप नहीं निकलने और बादल छाए रहने से बूंदाबांदी के आसार बने रहे। कोहरा और धुंध के साथ पछुआ हवा चलने से सर्दी का प्रकोप बढ़ गया।
विज्ञापन

बाद में धूप निकलने से जनजीवन सामान्य हुआ, लेकिन सर्द पछुआ हवा के थपेड़े ठिठुरन बढ़ाते रहे। मौसम विशेषज्ञ के अनुसार बृहस्पतिवार को सुबह घना कोहरा और बादल छाए रहेंगे, लेकिन बाद में धूप निकलने के बावजूद पाला के असर से सर्दी में कमी नहीं आएगी।
धूप निकलने के बावजूद जनजीवन को सर्दी से कोई विशेष राहत नहीं मिल सकी। बारिश थमने के साथ हवा की दिशा बदलकर पुरवाई से पछुआ हो जाने के कारण सर्दी को बढ़ावा मिल रहा है। क्योंकि पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी से होकर आ रहे नम हवा के ठंडे थपेड़े दिन ढलने के बाद से अगले दिन सुबह तक जनजीवन को ठिठरन भरी सर्दी का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन

गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह का कहना है कि जब तक पछुआ हवा चलेगी और वातावरण में आर्द्रता कम नहीं होगी, सर्दी के प्रकोप में कमी आने के आसार नहीं हैं।
हवा चलने से पैदा हो रही गलन और रात में पाला गिरने से न्यूनतम तापमान 1.2 डिग्री घटकर 10.6 डिग्री सेल्सियस हो गया और दिन में भी ठंडी हवा के कारण अधिकतम तापमान 1.8 डिग्री कम होकर 18.5 डिग्री सेल्सियस रह गया। उनका कहना है कि शाम को वायुदाब बढ़ने के कारण बृहस्पतिवार को सुबह पछुआ हवा की गति बढ़ेगी। इससे कोहरा ज्यादा देर नहीं टिकेगा, लेकिन पाला का असर दिन भर बना रहेगा।
टोल फ्री नंबर पर दें फसली नुकसान की जानकारी
उप कृषि निदेशक धीरेंद्र सिंह का कहना है कि गत सात से दस जनवरी तक जनद में हुई बारिश के दौरान जलालाबाद क्षेत्र के कुछ गांवों में ओलावृष्टि हुई, लेकिन उससे रबी सीजन की मुख्य फसल गेहूं को कोई क्षति पहुंचने की सूचना नहीं है। कहा कि कुछ क्षेत्रों में आलू, सरसों, मसूर आदि को नुकसान होने की किसानों से जानकारी मिली है।
इसलिए जिन किसानों को फसली नुकसान होने की आशंका है, वह बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर 1800-889-6868 पर अपनी सूचना नोट करा सकते हैं। डीडीए धीरेंद्र सिंह के अनुसार नुकसान के सर्वे के बाद मुआवजा उन्हीं किसानों को देय होगा, जो बीमित फसल की प्रीमियम धनराशि जमा कर चुके हैं। फसली नुकसान की लिखित सूचना उनके लोधीपुर स्थित कार्यालय कृषि भवन अथवा विकास भवन में भूूतल के कक्ष संख्या 101 स्थित कृषि कार्यालय में दी जा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें