राजकीय मेडिकल कॉलेज में गुमसुम खड़े मृतका लक्ष्मी के परिजन। स्रोत: जागरुक पाठक
कांट (शाहजहांपुर)। कांट के टांडा पर्वतपुर गांव निवासी 35 वर्षीय लक्ष्मी देवी की शुक्रवार सुबह राजकीय मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान मौत हो गई। मृतका के पति किशनपाल ने निजी अस्पताल के डॉक्टर पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।
किशनपाल ने बताया कि प्रसव पीड़ा होने पर पत्नी को 29 दिसंबर को कांट सीएचसी पर ले गए। सीएचसी के चिकित्सक ने हालत गंभीर होने पर पत्नी को राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर किया, लेकिन आशा वर्कर ने कांट के एक निजी अस्पताल को सूचना दी। उस अस्पताल के डॉक्टर ने अपनी कार भेजकर मरीज को अपने अस्पताल ले जाकर भर्ती कर लिया। जबकि पत्नी को राजकीय मेडिकल कॉलेज ले जाना चाहते थे।
आरोप है कि 30 दिसंबर को उससे ऑपरेशन के लिए 40 हजार रुपये लिए और एक यूनिट खून चढ़ाने के लिए 8500 रुपये भी मांगे। आरोप है कि 31 दिसंबर को बिना खून चढ़ाए पत्नी का ऑपरेशन कर दिया। पत्नी ने बेटी को जन्म दिया। किशनपाल ने बताया कि ऑपरेशन के बाद पत्नी की हालत बिगड़ी तो पत्नी को जबरन खुद अपनी गाड़ी से राजकीय मेडिकल कॉलेज भिजवा दिया गया।
यहां पत्नी की मौत हो गई। निजी अस्पताल में पत्नी के साथ लापरवाही बरती गई, जिससे पत्नी की मौत हो गई। कांट थाना प्रभारी राकेश मौर्या ने बताया कि महिला का ऑपरेशन प्राइवेट अस्पताल में हुआ था और उसकी मौत राजकीय मेडिकल कॉलेज में हुई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट व तहरीर मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।