शाहजहांपुर। निगोही-बीसलपुर हाईवे पर गांव जठिया के पास प्रदीप की पत्नी अमरीशा की डंपर से कुचलने से मौत के बाद आक्रोशित ग्रामीणों व परिजनों ने साढ़े आठ घंटे तक मार्ग जाम रखा। रात में एडीएम व एसपी देहात के पहुंचने पर पुलिस ने जबरन शव हटवाया। पुलिस ने मृतका के पति, देवर समेत चार लोगों को हिरासत में लिया। घटना में डंडा मारने वाले दरोगा, डंपर चालक व जाम लगाने वाले 50-60 लोगाें पर विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
निगोही के गांव कल्याणपुर निवासी प्रदीप अपनी पत्नी अमरीशा देवी व बेटे किशन के साथ शादी समारोह में जा रहे थे। मार्ग पर वाहन चेकिंग के दौरान पुलिसकर्मी के डंडा मारने के दौरान बाइक अनियंत्रित होने से अमरीशा सड़क पर गिर गईं। पीछे से आए डंपर से बाइक टकराने के बाद सिर के ऊपर से उसका पहिया निकल गया।
हादसे में अमरीशा की मौत हो गई। नाराज परिजनों ने सड़क जाम कर नारेबाजी शुरू कर दी थी। उत्तेजित लोग पुलिसकर्मियों के निलंबन, 50 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग कर रहे थे। तिलहर विधायक सलोना कुशवाहा ने मौके पर पहुंचकर चेकिंग के दौरान घटना होने पर पुलिस से नाराजगी जताई।
सीओ व एसडीएम के काफी समझाने के बावजूद परिजनों ने शव को सड़क से हटाने से मना कर दिया। इस बीच पुलिस से नोकझोंक, धक्का-मुक्की भी की गई। लोगों के आक्रोश को देखकर सिंधौली समेत आसपास के थानाें के पुलिस बल को बुला लिया गया था। रात करीब एक बजे एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार और एसपी देहात भांवरे दीक्षा अरुण ने पहुंचकर वार्ता की। अधिकारियों ने सड़क जाम करने को कानून के खिलाफ बताया।
पुलिस ने भीड़ का नेतृत्व करने वाले चार लोगों को वार्ता करने के लिए किनारे बुलाकर घेराबंदी की और शव को जबरन सड़क से हटवाकर वाहन में रखकर रवाना कर दिया। हंगामा करने पर चार लोगाें को गाड़ी में बैठाकर रास्ता खाली करा दिया। मृतका के पति प्रदीप की तहरीर पर पुलिस ने डंपर के अज्ञात चालक, डंडा चलाने के आरोपी दरोगा ऋषिपाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। वहीं उपनिरीक्षक लोकेश कुमार की तहरीर पर जाम लगाने वाले 50 से 60 अज्ञात लोगों पर विभिन्न धारा में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
मृतका के पति समेत चार को हिरासत में लिया
-हंगामा करने वाले प्रदीप, उनका भाई प्रमोद, अरविंद और बहन को पुलिस ने रात में हिरासत में ले लिया। उन्हें थाने लाकर सड़क जाम करने पर नाराजगी जताई। सुबह प्रधान की सुपुर्दगी में दे दिया है।
शव का अंतिम संस्कार, चार थानों की पुलिस रही तैनात
-हादसे के बाद साढ़े आठ घंटे तक मार्ग जाम रहा। इसके बाद पुलिस ने सोमवार को काफी सतर्कता बरती। मृतका का शव पोस्टमॉर्टम के बाद दोपहर बाद गांव पहुंचा। निगोही, खुदागंज, तिलहर और सिंधौली थानों की पुलिस बल की मौजूदगी में साढ़े चार बजे अंतिम संस्कार किया गया।
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पुलिस का मैनेजमेंट नहीं आया काम, जाम से जूझते रहे लोग
-घटना के बाद पुलिस का सारा मैनेजमेंट फेल हो गया। पुलिस के काफी समझाने के बावजूद लोग जाम खोलने के लिए तैयार नहीं हुए। आक्रोशित लोग डीएम को मौके पर बुलाने की मांग कर रहे थ, लेकिन सीओ और एसडीएम ही उनके बीच पहुंचे। एसपी सिटी बाहर थे। रात में एडीएम व एसपी देहात ने मौके पर पहुंचकर जाम खुलवाया।
दरोगा ने फेंककर मारा डंडा, फिर चढ़ा अमरीशा पर ट्रक
-मृतका के पति प्रदीप ने दरोगा ऋषिपाल व ट्रक चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। बताया कि चठिया में बहन की शादी में जाते समय चेकिंग के दौरान ऋषिपाल ने डंडा फेंककर मारा। इस पर पत्नी व बच्चे गिर गए। पीछे से आया डपंर उसके ऊपर चढ़ गया। अमरीशा की मौके पर मौत हो गई। पुलिसकर्मियों और ट्रक चालक पर मुकदमा, मुआवजा और पुलिस कर्मियों को निलंबित करने की मांग की। पुलिस ने दरोगा व चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
पुलिस से हाथापाई, सरकारी कार्य में बाधा डालने की रिपोर्ट
-उपनिरीक्षक लोकेश ने निगोही थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि डंपर की टक्कर से बाइक सवार महिला की मौत के बाद मृतकों के परिजनों ने सड़क पर जाम लगा दिया। मृतका के पति प्रदीप कुमार के परिजन व 50-60 लोग लाठी-डंडे लेकर सड़क पर बैठ गए। थाना प्रभारी व उन्होंने बात करने का प्रयास किया तो विरोध करते हुए वे हमलावर हो गए। पुलिसकर्मियों को गाली देते हुए अपमानित करते हुए मारने की धमकी देते हुए हाथापाई की। इससे लोकेश व कांस्टेबल मोहित भाटी को चोट आई। पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई। जाम में फंसे लोगों को धमकी भी दी गई। सरकारी व जाम में फंसे वाहनों को जलाने की धमकी दी।
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मृतका के पति की तहरीर पर दरोगा व चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। दरोगा पर लगे आरोपों की पुष्टि जांच के बाद होगी। दोनों ही मुकदमों की विवेचना की जाएगी।
प्रयांक जैन, सीओ सदर