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किसानों को जल प्रबंधन के उपाय अपनाने की सलाह

Tue, 19 Jan 2016 12:11 AM IST
शाहजहांपुर।
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 जिले में भूगर्भ जल के दोहन को सीमित करके उसे भविष्य की पीढिय़ों के लिए संरक्षित रखने को भूमि संरक्षण विभाग की ओर से सोमवार को गांधी भवन में किसानों की कार्यशाला आयोजित की गई। इस मौके पर कृषि वैज्ञानिकों और संबंधित विभागों के अधिकारियों ने कृषि में पानी के सीमित उपयोग और उसकी बचत के उपाय बताते हुए उन्हें अपनाने पर जोर दिया।
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समेकित जल संचय प्रबंधन जागरूकता सप्ताह के तहत आयोजित कार्यशाला मेें विभिन्न विकास खंडों के तमाम स्वयं सहायता समूहों से जुड़े लगभग 350 किसानों ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष एवं नगरपालिका परिषद के चेयरमैन तनवीर खां ने प्रदेश में भूगर्भ जल का संकट लगातार गंभीर हो रहा है और इसीलिए मुख्यमंत्री गांव-गांव तालाबों का निर्माण कराने के साथ पयर्शवरण सुरक्षा, ग्रामीण विकास व जल संचयन पर कई काय्रक्रम संचालित करा रहे हैं।
परियोजना निदेशक अजय प्रकाश ने जल संचय प्रबंधन योजना के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। कृषि वैज्ञानिक डॉ. एलबी सिंह, डॉ. एनपी गुप्ता, डॉ. एसके वर्मा, डॉ. केएम सिंह आदि ने स्प्रिंकलर से ड्रिप सिंचाई पद्धति पर जोर दिया और साठा धान की खेती से भूगर्भ जल के क्षरण पर चिंता जाहिर की।
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गन्ना शोध परिषद के सेवानिवृत्त वैज्ञानिक डॉ. सुरेश मिश्र के संचालन में हुई कार्यशाला में कृषि उप निदेशक डॉ. राधाकृष्ण यादव, आरएन वर्मा, इंद्रपाल, संजय र्गौल, महेंद्र गंगवार, गजेंद्र शर्मा, बाल गोविंद, हितेश गुप्ता, रूप किशोर, रामनरेश वर्मा आदि ने पानी की उपयोगिता बताते हुए उसका दुरुपयोग रोकने पर जोर दिया। प्रारंभ में गुरुनानक पाठशाला कन्या हाईस्कूल की छात्राओं ने शिक्षक कंचन मिश्रा व पुष्पा देवी के निर्देशन में सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। इसी कड़ी मेें कवि बृजेश मिश्र, डॉ. इंदु अजनबी, उमेश चंद्र सिंह आदि ने पर्यावरण आधारित काव्य पाठ किया।
पांच गावों में कृषि यंत्र बैंक खोलने की घोषणा
कार्यशाला के संयोजक भूमि संरक्षण अधिकारी सुरेंद्र प्रताप सिंह यादव ने निगोही, पुवायां, बंडा और खुटार ब्लॉक में संचालित जल संचय प्रबंधन योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि 218 ग्राम पंचायतों के 30135 हेक्टेयर क्षेत्र को वाटर शेड से संतृप्त करने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि अब तक 1125 मीटर जल निकास नाली, दस कूप मरम्मत, तीन तालाब निर्माण, एक पक्क्का चेक डैम आदि 192 कार्य कराए जा चुके हैं। भूमि संरक्षण अधिकारी यादव ने विभिन्न विकास खंडों के गांव रेहरिया, सकुलिया, अरेली, इस्माइलपुर और बिलंदपुर गद्दीपुर में किसानों की सुविधा के लिए कृषि यंत्र बेंक खोले जाने की घोषणा की।
स्प्रे मशीन देकर सम्मानित किए गए किसान
कार्यशाला में डीआरडीए के परियोजना निदेशक अजय प्रकाश ने वर्मा सिंह, सुनील कुमार, निजाम, नन्हें, बृज किशोर, बिरजू, आकाश, राम कुमार, राज बहादुर, उमराव लाल आदि को जल संचय की दिशा में सराहनीय प्रयास करने पर स्प्रे मशीन देकर सम्मानित किया।
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