शाहजहांपुर। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफएसडीए) द्वारा खान-पान की वस्तुओं के जो नमूने लिए जा रहे हैं उनमें से 30 से 40 प्रतिशत तक नमूने राजकीय जन विश्लेषक प्रयोगशाला जांच में मिलावटी पाए जा रहे हैं। विभाग का दावा है कि मिलावट की रोकथाम के लिए उपभोक्ताओं की गोष्ठियां करा कर उन्हें समय-समय पर सचेत भी किया जाता है। इसके बावजूद उपभोक्ता अपने स्तर से कोई भी नमूना जांच को उपलब्ध नहीं कराते जबकि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम में उपभोक्ताओं को निर्धारित शुल्क देकर किसी भी खाद्य वस्तु की स्वयं जांच कराने का अधिकार मिला हुआ है।
2021-22 में मिलावट के खिलाफ कार्रवाई
निरीक्षण 1662
छापे 256
नमूने 262
जांच रिपोर्ट 175
अधोमानक 72
असुरक्षित 14
मिथ्याछाप 18
एडीएम कोर्ट में वाद 115
जजी कोर्ट में वाद 12
एडीएम कोर्ट में निर्णीत वाद 29 (2.67 लाख रुपये जुर्माना वसूला)
जजी कोर्ट में निर्णीत वाद 02 (73 हजार रुपये जुर्माना वसूला)
आज फिर चलेगा जागरूकता अभियान
एफएसडीए ने विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस के मौके पर मंगलवार को सुबह सात बजे हथौड़ा के नायक जदुनाथ सिंह स्पोर्ट्स स्टेडियम में अभ्यास को आने वाले खिलाड़ियों के बीच और शाम पांच बजे टाउनहाल के शहीद उद्यान परिसर में मिठाई विक्रेताओं और ठेलेवालों के साथ गोष्ठी कर जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय किया है। मिलावटी और दूषित खाद्य पदार्थों के सेवन से बचने को सचेत किया जाएगा।
खाद्य वस्तुओं की मिलावट घातक
रसायनों से बने अखाद्य रंग पेट में जाने से न सिर्फ पाचन तंत्र प्रभावित होता है, नर्वस सिस्टम भी खराब होने की आशंका बढ़ जाती है। मिठाइयों में अखाद्य रंगों के साथ उन्हें सजाने में अल्युमिनियम वरक का ज्यादा इस्तेमाल हो रहा है। चांदी का वरक शरीर एक-दो दिन में पचा लेता है, लेकिन अल्यूमिनियम का वरक धातु की गोली बनकर अल्सर जैसी गंभीर बीमारी पैदा कर सकता है। यूरिया और डिटर्जेंट मिश्रित चीनी व दूध प्रयोग करने पर उल्टी, डायरिया, लीवर और गुर्दों की खराबी आदि बीमारियां हो सकती हैं। -डॉ. राजीव सिंह, वरिष्ठ फिजीशियन
मिलावट के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के माध्यम से जन सामान्य में समय-समय पर प्रचार-प्रसार भी कराया जाता है। लोग मिलावट को लेकर सिर्फ शिकायतें करना शुरू करें तो भी इस प्रवृत्ति पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। -विजय कुमार वर्मा, अभिहीत अधिकारी, एफएसडीए