शाहजहांपुर में 28 साल पहले तेजाब के हमले में पीड़िता का पूरा चेहरा झुलस गया। आंखों की रोशनी चली गई, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी। वह न्याय के लिए लड़ाई लड़ती रही। एक संस्था ने उसका साथ दिया। 28 साल बाद अब पीड़िता के जख्मों पर मुआवजे का मरहम लगा है।
शाहजहांपुर में तेजाब के हमले से पूरी तरह से चेहरा झुलसने के बाद भी पीड़िता ने हिम्मत नहीं हारी। वह सरकारी कार्यालयों में गुहार लगाती रही। फिर इंस्टाग्राम के जरिये ब्रेव सोल्स फाउंडेशन के संपर्क में आई। संस्था के प्रयास से 28 साल के बाद पीड़िता को पांच लाख रुपये का मुआवजा मिला है। फाउंडेशन के अनुसार, एक लाख रुपये का मुआवजा और दिलाने की प्रक्रिया चल रही है।
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घटना साल 1997 की है। उस समय पीड़िता की उम्र 15 साल थी। शहर का रहने वाला पप्पू पीड़िता से शादी का दबाव बनाता था। इन्कार करने पर उसने किशोरी के चेहरे पर तेजाब से हमला कर दिया, जिससे उसका पूरा चेहरा झुलस गया। एक आंख भी खराब हो गई। दूसरी की आंख की रोशनी चली गई थी। माता-पिता की मृत्यु के बाद पीड़िता अकेली पड़ गई। वह अपने केस की पैरवी व मदद के लिए दर-दर भटकती रही। सरकारी कार्यालय के चक्कर लगाएं, लेकिन हल नहीं निकल सका।
पांच लाख रुपये मुआवजा मिला
तब पीड़िता इंस्ट्राग्राम के जरिये लखनऊ की ब्रेव सोल्स फाउंडेशन से करीब चार साल पहले संपर्क में आई। संस्था की फराह खान ने उनसे सारी जानकारी लेने के बाद पैरवी को शुरू की। फराह खान ने बताया कि पीड़िता को एक लाख रुपये छह महीने पहले मिल गए थे। जबकि चार लाख रुपये कुछ दिन पहले मुआवजा के तौर पर मिले हैं। एक लाख रुपये और मुआवजा दिलाने को लेकर संस्था प्रयास कर रही है।