शाहजहांपुर में किशोरी के अपहरण के मुकदमे में दूसरी बार जेल भेजे गए पुवायां के बितौनी गांव निवासी दीपक (20 वर्ष) उर्फ टाइमपास की शुक्रवार को कचहरी परिसर स्थित बंदीगृह में संदिग्ध हालात में मौत हो गई। उसका शव शौचालय के रोशनदान से गमछे के फंदे से लटका मिला। घटना की जानकारी पर जिला जज धर्मेंद्र कुमार पांडेय, एसपी सिटी देवेंद्र कुमार ने निरीक्षण कर जायजा लिया।
मूलरूप से पीलीभीत के पिपरिया गांव निवासी बेचेलाल पुवायां के बड़ागांव में ईंट भट्ठे पर ट्रैक्टर चलाते हैं। वह परिवार के साथ पुवायां के टकेली मोड़ पर बितौनी गांव में रहते हैं। उनका बेटा दीपक इस वर्ष मार्च में 16 वर्षीय किशोरी को लेकर चला गया था। किशोरी की मां की तहरीर पर पॉक्सो एक्ट व अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने दीपक को गिरफ्तार किया था।
करीब पांच महीने जेल में रहने के बाद उसे उच्च न्यायालय से जमानत मिली थी। पांच अक्तूबर को किशोरी की मां ने दीपक पर दोबारा बेटी को ले जाने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें दीपक की मां गीता देवी समेत दो अन्य लोगों को भी नामजद किया गया। पुलिस ने छह अक्तूबर को दीपक को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया था।