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रेलवे लाइन किनारे बारिश के पानी से भरे गड्ढे में डूबकर दो बच्चों की मौत

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आदर्श (फाइल फोटो)। शाहजहांपुर से - फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। रोजा-सीतापुर रेलवे लाइन किनारे गड्ढे में भरे बारिश के पानी में बुधवार को जमुका गांव के अनिल का बेटा रोहित (12) और जगदीश का बेटा आदर्श (11) नहाते समय डूब गए।
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रोजा थाना क्षेत्र के जमुका गांव का रहने वाला रोहित कक्षा पांच और आदर्श कक्षा चार का छात्र था। दोनों बच्चे दोस्त थे और रोज खेलने के लिए रेलवे लाइन किनारे चले जाते थे। बुधवार को दोनों दोस्त घर से खेलने के लिए निकले थे। इस समय रोजा-सीतापुर के बीच लाइन दोहरीकरण का कार्य चल रहा है। इसके चलते ट्रैक के किनारे तमाम गड्ढे हो गए हैं, इनमें बारिश का पानी भरा हुआ है। दोनों बच्चे गड्ढे में नहाने लगे। गड्ढे की गहराई का अंदाजा नहीं लगा सके और दोनों डूबने लगे। उन्हें डूबता देखकर आसपास के कुछ बच्चे भागकर उनके घर पहुंचे। परिजन बच्चों को निकाल कर एक निजी अस्पताल के यहां ले गए जहां डॉक्टर ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। परिजन बच्चों के शव लेकर घर आ गए। बच्चों के पिता जगदीश और अनिल पल्लेदारी करते हैं। संवाद
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बहनें रोकती रहीं पर नहीं माना रोहित
शाहजहांपुर। नहाने के दौरान गड्ढे में भरे बारिश के पानी में डूबकर मरे रोहित और आदर्श के परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है। रोहित की बहन ने उससे खाना खाने के बाद खेलने जाने की बात कही थी लेकिन लौटकर आकर खाने की बात कहकर चला गया। रक्षाबंधन के कुछ दिन पहले भाई की मौत पर विलाप करतीं बहनों को देखकर हर किसी की आंख नम हो गईं।
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रोजा थाना क्षेत्र के जमुका गांव के रहने वाले अनिल के एक बेटे शोभित की कुछ साल पहले मौत हो गई थी। दो बेटियां रोली और गुड़िया हैं। बेटा रोहित सुबह जब आदर्श के साथ खेलने के लिए घर से निकल रहा था तो बहनों ने उससे खाना खाकर जाने की बात कही थी। खेल की मस्ती में रोहित ने कहा कि वापस आकर खाना खाऊंगा। बहनें रोकतीं रहीं लेकिन रोहित चला गया। बाद में जब रोहित के डूबने की खबर मिली तो दोनों बहने बदहवास हो गईं।
मां अनीता और पिता अनिल का भी रो-रोकर हाल बेहाल हो गया। भाई शोभित के मरने के बाद अब रोहित की मौत से बहनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। वहीं अनिल के घर के पड़ोस में रहने वाले जगदीश और पत्नी अंजू बेटे आदर्श की मौत के बाद बदहवास हो गए। रो-रोकर बस यही बात कह रहे थे कि कभी बच्चे को अकेले कहीं जाने नहीं दिया। थोड़ी देर के लिए खेलने गए थे। क्या पता था कि कभी लौटकर ही नहीं आएगा। बड़ा भाई हर्ष का भी भाई की मौत पर रो-रोकर बुरा हाल था। संवाद

रोहित (फाइल फोटो) शाहजहांपुर से- फोटो : SHAHJAHANPUR

 

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