एडीएम प्रशासन ने डीआईओएस और बीएसए कार्यालय का किया निरीक्षण
पटल सहायकों को दिए दिशा निर्देश, कार्यालयों में मचा हड़कंप
डीएम के निर्देश पर बुधवार को एडीएम प्रशासन जितेंद्र कुमार शर्मा ने डीआईओएस और बीएसए कार्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण में एडीएम को दोनों कार्यालयों में खामियां मिलीं, जिनको दुरूस्त कराने के उन्होंने निर्देश दिए। इस दौरान बोर्ड परीक्षा के लिए बनाए गए सचल दलों में अनुपस्थित रहने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं को प्रतिकूल प्रविष्टि के साथ एक दिन का वेतन काटने के निर्देश भी दिए।
एडीएम प्रशासन ने सुबह करीब सवा दस बजे डीआईओएस कार्यालय का निरीक्षण किया। बोर्ड परीक्षा की सचल दल और अन्य कर्मचारियों और पुलिस की उपस्थिति पंजिका का निरीक्षण करने पर उन्हें पता चला कि डायट प्राचार्य मनोज कुमार मौर्या, शिक्षक जेसिका रोशन, मोहनी, प्रमोद अवस्थी, उमेश चंद्र अग्निहोत्री, अंशु सक्सेना, शशि सुमन, लोकेश कुमार, राजीव अग्रवाल आदि अनुपस्थित हैं, जिस पर एडीएम ने सभी को प्रतिकूल प्रविष्टि देने तथा एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। कार्यालय की उपस्थिति पंजिका का निरीक्षण भी उन्होंने किया, जिसमें राजकीय पुस्तकालय प्रभारी राजीव यादव अनुपस्थित मिले। उनका भी वेतन काटने का निर्देश दिया गया। इसके साथ ही एडीएम ने विभिन्न पटलों पर जाकर अभिलेखों का रख-रखाव भी देखा और पटल सहायकों को उपयोगी सुझाव दिए।
इसके बाद वह बीएसए कार्यालय गए, जहां उन्होंने पटल सहायकों से अभिलेखों की जानकारी लेते हुए आवश्यक पंजिकाएं बनाने के निर्देश दिए।
खुली छत पर धूप में हो रही परीक्षा, डीएम से शिकायत
मिर्जापुर क्षेत्र के श्री ब्रजपाल सिंह इंटर कॉलेज हरिहरपुर परीक्षा केंद्र में शामिल छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों ने बुधवार को जनता दर्शन में डीएम से मिलकर परीक्षा केंद्र की अव्यवस्थाओं की जानकारी दी। छात्राओं और अभिभावकों ने डीएम को बताया कि केंद्र पर परीक्षार्थियों को खुली छत में धूप पर बैठाया जाता है। धूप में परीक्षा देने में सभी को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव पड़ रहा है। केंद्र पर कोई भी मिश्रित सीटिंग प्लान नहीं बनाया गया है। चूंकि बदन सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जरौली कोठी तथा ब्रजपाल सिंह इंटर कॉलेज के प्रबंधक एक ही है, इसलिए यहां के परीक्षार्थियों को नकल कराने के उद्देश्य से नीचे कमरे में बैठाया जाता है।
डीएम ने सभी को मामले की जांच कराकर परीक्षा केंद्र को निरस्त कराने की कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने डीआईओएस को निर्देश दिए हैं कि जब विद्यालयों में संसाधनों का अभाव था तो ऐसे कॉलेजों को केंद्र कैसे बना दिया गया, इस संबंध में रिपोर्ट दी जाए। उन्होंने कहा कि संसाधन विहीन विद्यालयों को परीक्षा केंद्रों से डिबार किया जाएगा।