शाहजहांपुर। परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों के लिए आईं पुस्तकें विभागीय लापरवाही के कारण स्कूलों तक नहीं पहुंच सकीं हैं। ब्लॉकों में नाममात्र की पुस्तकें ही पहुंच सकीं हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो करीब 15 लाख किताबों में मात्र 80 हजार पुस्तकें ही भेजी गईं। पर्याप्त वाहन का इंतजाम नहीं के चलते पुस्तकें पहुंचने में देरी से शिक्षण कार्य पुरानी पुस्तकों से कराकर खानापूर्ति हो रही हैं।
होली के बाद बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों के लिए पुस्तकों की खेप जनपद में भेजी गई थी। ददरौल स्थित लालपुर के गोदाम में पुस्तकों को रखवाकर सत्यापन करा दिया गया। उम्मीद थी कि सत्र शुरू होने पर बच्चों को किताबें मिल जाएंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। शनिवार को एक और रविवार को दो ट्रकों से किताबों को तिलहर, खुदागंज, बंडा, खुटार, पुवायां और सिंधौली में भेजा गया। अब तक करीब 15 लाख किताबाें में मात्र 80 हजार किताबों के बंडल भेजे गए हैं। बताते हैं कि वाहन का इंतजाम नहीं होने के कारण पुस्तकों की आपूर्ति तेजी नहीं पकड़ पा रही है। किताबें नहीं होने से बच्चों को पुरानी पुस्तकें देकर पढ़ाई को जैसे-तैसे शुरू करा दिया, लेकिन शिक्षण कार्य गति नहीं पकड़ पा रहा है।
छह ट्रकों से किताबों को बीआरसी पर भेजने का काम किया जा रहा है। जल्द ही सभी स्कूलों में किताबों को पहुंचा दिया जाएगा।
दिव्या गुप्ता, बीएसए