खुटार। गांव नरौठा देवीदास में गन्ने की छिलाई के दौरान बाघ निकल आने से श्रमिकों ने शोर मचाते हुए भागकर जान बचाई। बाद में वनकर्मियों की मौजूदगी में गन्ना काटा गया।
सोमवार को गांव नरौठा देवीदास निवासी मोहम्मद उमर के खेत में गन्ने की छिलाई का काम चल रहा था। गांव के ही रमेश वर्मा, रतिराम, अंकित, रमेशचंद्र, सुनील, सतेंद्र, रामबहादुर, महेश, गुड्डू, रामभजन सहित अन्य लोग सुबह आठ बजे गन्ना छील रहे थे। अचानक एक बाघ गन्ने से बाहर निकला आया। बाघ देखकर श्रमिकाें के होश उड़ गए। किसी तरह श्रमिकों ने मौके से भागकर जान बचाई।
शोर सुनकर आसपास खेतों में काम रहे किसान और श्रमिक भी लाठी, डंडे लेकर मौके पर पहुंचे। शोर होने पर बाघ फिर खेत में चला गया। किसानों की सूचना पर वन दरोगा रोहित पांडे, संदीप कुमार, दाताराम मौके पर पहुंचे और कांबिंग की। कांबिंग के दौरान वंदे हसन के सरसों के खेत में बाघ के पैरों के निशान मिले।
बाघ की लोकेशन ट्रेस नहीं हो सकी है। इसके बाद वनकर्मियों ने पटाखे भी दागे। वनकर्मियों की मौजूदगी में श्रमिकों ने गन्ने की कटाई की। बाघ देखे जाने से किसानों और श्रमिकाें में दहशत है। किसानों ने बाघ को जंगल की ओर खदेड़े जाने की मांग की है। वनकर्मियों ने किसानों और श्रमिकों से खेतों में काम करते समय सतर्कता बरतने की अपील की है।
सूचना पर वन विभाग की टीम को नरौठा देवीदास भेजा गया था। कांबिंग के दौरान टीम को पैरों के निशान मिले हैं। टीम बाघ की लोकेशन ट्रेस करने का प्रयास कर रही है। ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
- मनोज श्रीवास्तव, रेंजर खुटार